वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास में शनिवार को सुबह कम से कम सात धमाके हुए और आसमान में उड़ते विमान देखे गए। रशिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी वायु सेना ने वेनेज़ुएला के इस्ला मार्गरीटा द्वीप पर बमबारी की, जहां देश के प्रमुख सैन्य ठिकाने हैं। हमलों के बाद देश में आपातकाल घोषित कर दिया गया।
वेनेज़ुएला की सरकार ने अमेरिका पर आम नागरिकों और सैन्य ठिकानों पर हमला करने का आरोप लगाया। धमाकों की आवाज़ शहर के कई हिस्सों में सुनी गई, खासकर राजधानी के दक्षिणी इलाके में, जो एक बड़े सैन्य अड्डे के पास है। वहां बिजली भी गुल हो गई। हमलों के बाद लोग डर और असमंजस में सड़क पर निकल आए, और कुछ लोग शहर छोड़ते भी दिखे।
इस हमले से पहले, वेनेज़ुएला ने 5 अमेरिकी नागरिकों को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद अमेरिका ने कार्रवाई की धमकी दी थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दे दी थी कि अमेरिका ज़रूरत पड़ने पर वेनेज़ुएला में जमीनी हमले भी कर सकता है।
वेनेज़ुएला की सरकार ने बयान में कहा कि ये हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 1 और 2 का उल्लंघन हैं, क्योंकि ये देश की संप्रभुता, कानूनी समानता और बल के इस्तेमाल पर रोक को चुनौती देते हैं। सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरा है और लाखों लोगों की जान पर गंभीर असर डाल सकती है।
राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने कहा कि अमेरिका देश की सरकार बदलना चाहता है और उनके विशाल तेल भंडार तक पहुंच हासिल करना चाहता है। मादुरो पर नार्को‑टेररिज्म के आरोप भी अमेरिका में लगे हैं।
पिछले हफ्ते वेनेज़ुएला के एक डॉकिंग एरिया पर हुए ड्रोन हमले के पीछे CIA का हाथ होने का अंदेशा था। यह इस साल सितंबर में अमेरिका की ओर से नावों पर हमले शुरू होने के बाद वेनेज़ुएला में पहली ज्ञात सीधी अमेरिकी कार्रवाई मानी जा रही है।
इस बीच, अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई भी तेज हुई है। शुक्रवार को वेनेज़ुएला ने अमेरिका के साथ ड्रग तस्करी पर समझौते की बातचीत करने की संभावना जताई थी।
काराकास और आसपास के इलाकों में धमाकों के बाद अफरा‑तफरी का माहौल है। लोग डर के कारण अपने घरों से बाहर आए हैं, और शहर की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
