उत्तराखंड को झकझोर देने वाले अंकिता भंडारी हत्याकांड की गूंज आज भी सुनाई दे रही है। जिस मामले में मुख्य आरोपियों को पहले ही उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है, अब वह सोशल मीडिया पर वायरल हुए ऑडियो और वीडियो के कारण एक नया मोड़ ले चुका है। इस संवेदनशीलता को देखते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है और साफ कर दिया है कि गलत करने वाला कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
27 वर्षीय अंकिता भंडारी की दुखद हत्या के बाद तीनों मुख्य आरोपियों को सजा मिल चुकी है, लेकिन हाल ही में सामने आए विरोधाभासी ऑडियो/वीडियो ने मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। मुख्यमंत्री ने इस पूरी जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। SIT अब हर पहलू की गहन जांच कर रही है और फोरेंसिक साइंस लैब की मदद से सभी साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। वायरल ऑडियो और वीडियो में हत्या और आत्महत्या के विरोधाभासी दावे किए जा रहे हैं, जिनकी सच्चाई फॉरेंसिक जांच से सामने आने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि न्याय सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने साफ कहा, “गलत काम करने वाला चाहे कोई भी हो, वह बच नहीं पाएगा और किसी को भी राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलेगा।” उन्होंने यह भी बताया कि अगर इस मामले में किसी राजनीतिक व्यक्ति का नाम आता है, तो यह पार्टी स्तर पर इंटरनल जांच का विषय होगा। सीएम ने कुछ लोगों (सुरेश राठौर और दुष्यंत गौतम) से भी अपील की है कि वे सामने आकर पूरी सच्चाई बताएं ताकि मामले में कोई भी तथ्य अनसुलझा न रहे।
मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। उन्होंने यह कहते हुए जनता को विश्वास दिलाया है कि ‘अंकिता हमारी बेटी है’, और न्याय दिलाने में सरकार पूरी तरह गंभीर है। उत्तराखंड का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है कि यहां दोषी कभी बच नहीं पाए हैं।
यह दुखद घटना हम सभी को सुरक्षा व्यवस्था की महत्ता याद दिलाती है। अब सबकी निगाहें SIT की गहन जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे उम्मीद है कि इस पूरे मामले के सभी तथ्य जल्द ही सामने आ जाएंगे और पीड़ित को न्याय मिलेगा।









