नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने बजट 2026-27 में नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और समय पर गंभीर बीमारियों की पहचान के लिए ANMOL (Advanced Newborn Monitoring and Optimal Lifecare) योजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए बताया कि इस योजना के तहत दिल्ली में जन्म लेने वाले प्रत्येक नवजात शिशु के खून की सिर्फ एक बूंद से 56 तरह की जांच मुफ्त में की जाएगी।
क्या है ANMOL योजना?
ANMOL योजना का उद्देश्य नवजात शिशुओं में जन्मजात (Genetic) और गंभीर बीमारियों की शुरुआती चरण में पहचान करना है। इसके लिए दिल्ली सरकार ने 25 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
योजना के तहत जन्म के तुरंत बाद शिशु के खून की एक बूंद लेकर 56 अलग-अलग बीमारियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। निजी अस्पतालों में यह जांच काफी महंगी होती है, लेकिन दिल्ली सरकार इसे पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराएगी।
क्यों है यह योजना खास?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि कई बार बच्चों में जन्म से ही कुछ आनुवंशिक या दुर्लभ बीमारियां होती हैं, जिनके लक्षण बाद में सामने आते हैं। जब तक बीमारी का पता चलता है, तब तक इलाज मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने कहा कि यदि इन बीमारियों की पहचान जन्म के समय ही हो जाए, तो समय पर इलाज शुरू कर बच्चे को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से ANMOL योजना शुरू की जा रही है।
स्वास्थ्य बजट में बड़ा प्रावधान
दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए स्वास्थ्य विभाग को 12,645 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। सरकार का कहना है कि ANMOL योजना नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और शुरुआती स्क्रीनिंग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
ट्रांसजेंडर समुदाय को भी मिलेगा आयुष्मान योजना का लाभ
बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक और बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि दिल्ली में रहने वाले ट्रांसजेंडर समुदाय को भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलेगा। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार का मानना है कि इन दोनों फैसलों से स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और व्यापक होगा तथा समाज के अधिक से अधिक वर्गों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।