बलरामपुर के सादुल्लाहनगर थाना क्षेत्र के रानीपुर गांव में 16 वर्ष पुराने गैर इरादतन हत्या के मामले में जिला न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश उत्कर्ष चतुर्वेदी की अदालत ने आरोपी वाहिद को दोषी करार देते हुए 8 वर्ष के कठोर कारावास और 11 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
घटना 2 मई 2014 की शाम की है। उस समय मोहम्मद जमाल अपने घर के बरामदे में भोजन के बाद हाथ धो रहे थे और किसी बात को लेकर अपने पोते को डांट रहे थे। इसी दौरान उनके बेटे वाहिद ने गुस्से में आकर डंडे से उनके सिर पर वार कर दिया। इस हमले में जमाल गंभीर रूप से घायल हो गए।
परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले गए, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक की बहू शाहिदुन्निशा ने 3 मई 2014 को सादुल्लाहनगर थाने में मामला दर्ज कराया था, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों को मजबूत तरीके से पेश किया, जिससे घटना की पूरी श्रृंखला अदालत के सामने स्पष्ट हो सकी।
अदालत ने सभी तथ्यों, साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। इस फैसले को न्याय की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिसमें पारिवारिक विवाद के कारण हुई हिंसा पर सख्त संदेश दिया गया है।









