उत्तर प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के इकलौते विधायक उमा शंकर सिंह के ठिकानों पर आयकर विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। लखनऊ और बलिया में विधायक से जुड़े कई परिसरों पर आयकर टीम ने सर्वे की कार्रवाई शुरू की, जिसने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
आयकर विभाग की टीमों ने बसपा विधायक उमा शंकर सिंह के बलिया और लखनऊ स्थित आवासों के साथ-साथ उनके औद्योगिक परिसरों को भी अपनी जांच के दायरे में लिया है। स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में टीमों ने इन ठिकानों को चारों ओर से सुरक्षित कर बाहरी आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया। अधिकारी दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन, संपत्ति से जुड़े कागजात और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की गहन पड़ताल कर रहे हैं।
इस दौरान विधायक उमा शंकर सिंह स्वास्थ्य कारणों से अपने खनवर स्थित आवास पर चिकित्सकीय निगरानी में बताए जा रहे हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य जांच के दौरान घर पर मौजूद थे। बलिया स्थित उनके प्लांट पर भी टीम पहुंची, जहां मुख्य गेट बंद कर दिया गया और किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
उमा शंकर सिंह इस समय प्रदेश में बसपा के एकमात्र विधायक हैं, जिसके चलते इस कार्रवाई को राजनीतिक दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, आयकर विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सर्वे की खबर फैलते ही राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। कुछ लोग इसे एक नियमित कानूनी प्रक्रिया करार दे रहे हैं, तो वहीं कई विश्लेषक इसके पीछे राजनीतिक मंशाओं पर सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल, आयकर विभाग की पड़ताल जारी है और सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस सर्वे के बाद विभाग की ओर से क्या जानकारी सामने आती है और आगे क्या कदम उठाए जाते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस कार्रवाई का प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।









