नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का पुनर्गठन किया है। पूर्व प्रसार भारती प्रमुख शशि शेखर वेम्पटि की अगुवाई में 18 सदस्यीय नई बोर्ड समिति का गठन किया गया है। इसमें बॉलीवुड के साथ-साथ क्षेत्रीय सिनेमा से जुड़े कई जाने-माने कलाकार, निर्देशक, निर्माता, लेखक और संगीतकार शामिल हैं। नई समिति तत्काल प्रभाव से अगले तीन साल या अगले आदेश तक लागू रहेगी।
नई समिति में कई बड़े नाम शामिल
सीबीएफसी की नई समिति में अभिनेत्री प्रीति जिंटा, अभिनेता पंकज त्रिपाठी, सुनील शेट्टी, पल्लवी जोशी, प्रसेनजीत चटर्जी, रुपाली गांगुली, निर्देशक प्रियदर्शन और तीन बार के ग्रैमी विजेता संगीतकार रिकी केज को जगह दी गई है।
इसके अलावा राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक नीला माधब पांडा, अभिनेता मनोज जोशी, गुजराती फिल्म निर्माता अभिषेक जैन, तेलुगु निर्माता सुप्रिया यारलागड्डा, फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम, कवि-लेखक यतींद्र मिश्रा, निशिगंधा वाड और गायक एवं पूर्व सांसद हंसराज हंस भी नई समिति के सदस्य बनाए गए हैं।
पुरानी समिति से सिर्फ दो सदस्य बरकरार
नई बोर्ड समिति में पुरानी सेंसर बोर्ड समिति के केवल निर्देशक वामन केंद्रे और वरिष्ठ लेखक रमेश पतंगे को बरकरार रखा गया है। बाकी सदस्यों की जगह नए चेहरों को शामिल किया गया है।
नई समिति के गठन के बाद सीबीएफसी के अध्यक्ष शशि शेखर वेम्पटि ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नए सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने नई सूची साझा करते हुए लिखा, “सीबीएफसी के सभी नए बोर्ड सदस्यों को बहुत-बहुत बधाई और हार्दिक स्वागत।”
छह साल बाद हुई थी अहम बोर्ड बैठक
सीबीएफसी का यह पुनर्गठन ऐसे समय में हुआ है, जब हाल ही में करीब छह साल के लंबे अंतराल के बाद बोर्ड की एक अहम बैठक आयोजित की गई थी। शशि शेखर वेम्पटि की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में फिल्मों के सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को आसान बनाने और रिवाइजिंग कमेटी से जुड़े संवेदनशील एवं लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
2017 के बाद पहली बार हुआ बड़ा पुनर्गठन
सीबीएफसी के सदस्यों का सामान्य कार्यकाल तीन साल का होता है। हालांकि, साल 2017 के बाद से बोर्ड का आधिकारिक तौर पर पुनर्गठन नहीं हुआ था। करीब नौ साल बाद अब नई 18 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
क्या काम करता है CBFC?
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड भारत में सिनेमाघरों और सार्वजनिक मंचों पर रिलीज होने वाली फिल्मों की जांच कर उन्हें प्रदर्शन के लिए प्रमाण पत्र जारी करता है। बोर्ड सिनेमेटोग्राफ एक्ट और उससे जुड़े नियमों एवं दिशानिर्देशों के तहत फिल्मों को U, U/A और A जैसी श्रेणियों में प्रमाणित करता है।