नई दिल्ली: सरकारी दफ्तरों में पड़े पुराने और बेकार सामान को हटाने के अभियान से सरकार को बड़ी कमाई हुई है। केंद्र सरकार ने 2021 से जुलाई 2026 तक कबाड़ बेचकर कुल 5,102.91 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस दौरान देशभर में 24.20 लाख से ज्यादा सरकारी स्थानों को अभियान के तहत कवर किया गया और 180.48 लाख से अधिक फाइलों को हटाया या बंद किया गया।
सरकार की ओर से चलाए गए इन विशेष स्वच्छता अभियानों का उद्देश्य सिर्फ सरकारी कार्यालयों से कबाड़ और पुराने रिकॉर्ड हटाना नहीं था, बल्कि खाली हुई जगह का बेहतर इस्तेमाल करना और बेकार सामान को नीलाम करके राजस्व जुटाना भी था।
हर साल बढ़ती गई कबाड़ से कमाई
आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में शुरू हुए पहले विशेष अभियान में कबाड़ के निपटारे से 62.54 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी। इसके बाद 2022 में यह आंकड़ा बढ़कर 365.59 करोड़ रुपये हो गया।
2023 में सरकार ने कबाड़ के निपटारे से 499.68 करोड़ रुपये, जबकि 2024 में 650 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाए। 2025 में यह कमाई बढ़कर 833.92 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो इन पांच विशेष अभियानों में सबसे ज्यादा थी।
2021 से 2025 तक पांच विशेष अभियानों के जरिए कुल 4,120.79 करोड़ रुपये की कमाई हुई। इसके बाद जुलाई 2026 तक सचिवालय सुधारों की मासिक निगरानी के दौरान कबाड़ के निपटारे से हुई करीब 982.12 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई भी इसमें जुड़ी। इससे कुल आंकड़ा 5,102.91 करोड़ रुपये पहुंच गया।
लाखों फाइलें हटाईं, करोड़ों की जगह खाली हुई
इन अभियानों के दौरान सरकारी कार्यालयों से बड़ी संख्या में पुराने रिकॉर्ड और बेकार सामान हटाया गया। पांचवें चरण में अकेले 11.6 लाख जगहों को अभियान में शामिल किया गया। इस दौरान 29.52 लाख फाइलें हटाई गईं और करीब 233.75 लाख वर्ग फुट कार्यालय की जगह खाली कराई गई।
ऑनलाइन नीलामी से भी सरकार को फायदा
सरकार अब पुराने सामान और कबाड़ की बिक्री के लिए ऑनलाइन नीलामी का भी इस्तेमाल कर रही है। Government e-Marketplace यानी GeM के Forward Auction मॉड्यूल के जरिए पुराने कंप्यूटर, प्रिंटर, ई-वेस्ट, मशीनरी, वाहन, धातु और अन्य सरकारी संपत्तियों की नीलामी की जाती है।
PIB के मुताबिक, दिसंबर 2021 से नवंबर 2025 के बीच GeM के Forward Auction मॉड्यूल के जरिए 2,200 करोड़ रुपये से ज्यादा की सरकारी संपत्तियों की नीलामी हुई और 13,000 से अधिक ऑक्शन आयोजित किए गए।
सरकार अब Special Campaign 6 की तैयारी कर रही है। यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया जाना है। इसका फोकस सरकारी कार्यालयों की सफाई के साथ पुराने रिकॉर्ड, बेकार सामान और लंबित काम को कम करने पर रहेगा।