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नाबालिग से दुष्कर्म: POCSO कोर्ट ने 1 साल के भीतर दोषी को सुनाई आजीवन कारावास की सज़ा

नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को POCSO

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से न्यायपालिका की तत्परता का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है। नाबालिग से दुष्कर्म के एक बेहद संवेदनशील मामले में POCSO कोर्ट ने दोषी को सिर्फ एक साल के भीतर ही आजीवन कारावास की सज़ा सुना दी है। यह फैसला जिले में त्वरित और सख्त न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यह पूरा मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम विसउरी से जुड़ा है। विशेष शासकीय अधिवक्ता (POCSO) शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि ग्राम विसउरी निवासी सुभाष सोनकर पर 14 मार्च 2025 की रात अपनी पड़ोसी नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा था। पीड़िता की ओर से तत्काल थाना सदर चंदौली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से विवेचना पूरी की और आवश्यक साक्ष्य जुटाकर आरोप पत्र समय पर न्यायालय में प्रस्तुत किया।

मामले की सुनवाई POCSO न्यायालय में माननीय न्यायाधीश अनुराग मिश्रा की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए ठोस साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त सुभाष सोनकर को दोषी करार दिया। कोर्ट ने सुभाष सोनकर को आजीवन कारावास (उम्र कैद) की सज़ा सुनाई, साथ ही उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

विशेष शासकीय अधिवक्ता शमशेर बहादुर सिंह ने इस फैसले की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत चंदौली जनपद का यह पहला ऐसा मामला है, जिसमें मुकदमा दर्ज होने के एक वर्ष के भीतर ही दोषी को सजा सुनाई गई है। उन्होंने त्वरित न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग के लिए पुलिस अधीक्षक और विवेचना टीम की भूमिका की सराहना भी की।

चंदौली कोर्ट का यह त्वरित और सख्त फैसला दर्शाता है कि गंभीर अपराधों में पुलिस और न्यायपालिका पूरी तत्परता के साथ काम कर रहे हैं, जिससे पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके और ऐसे अपराधों पर रोक लग सके।

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