लखनऊ: सोशल मीडिया के दौर में नेताओं का जनता से सीधे जुड़ने का अंदाज भी लगातार बदल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इंस्टाग्राम पर एक अलग अंदाज में नजर आए। सीएम योगी ने गुरुवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक सेल्फी वीडियो रील शेयर की, जिसमें उन्होंने फर्रुखाबाद की धरती को नमन करते हुए बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने और लोगों से मिलने की जानकारी दी।
योगी आदित्यनाथ ने वीडियो में कहा कि वह फर्रुखाबाद पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लेंगे और प्रभावित लोगों से मुलाकात करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री वितरित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जरूरतमंद लोगों तक भोजन, दवाइयां और जरूरी सामान पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
सेल्फी रील में क्या बोले सीएम योगी?
अपने वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री ने फर्रुखाबाद को बाबा नीब करौरी की पावन धरती बताते हुए वहां के लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वह आज लोगों के बीच जाएंगे, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति की समीक्षा करेंगे।
सीएम योगी ने साफ कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावित लोगों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। सरकार की कोशिश है कि बाढ़ से प्रभावित हर जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर जरूरी मदद पहुंच सके।
उनका यह वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि इसमें मुख्यमंत्री पारंपरिक आधिकारिक वीडियो के बजाय खुद कैमरे के सामने दिखाई दिए।
फर्रुखाबाद पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से मिले योगी
इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी करने के बाद मुख्यमंत्री फर्रुखाबाद पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री वितरित की और जनसभा को भी संबोधित किया।
फर्रुखाबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान करीब 1,000 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने की योजना थी। इसके अलावा बाढ़ के कारण प्रभावित हुए लोगों के पुनर्वास के लिए 31 लोगों को भूमि पट्टा और मकान निर्माण के लिए आर्थिक सहायता देने की भी बात सामने आई है।
मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और जरूरत के मुताबिक हर संभव मदद पहुंचाई जाएगी।
गंगा को लेकर योगी ने बताई बड़ी जरूरत
फर्रुखाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने की जरूरत पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि इस पूरे क्षेत्र में गंगा नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन की आवश्यकता है। उनके मुताबिक नदी की मुख्य धारा में जमा गाद को हटाकर उसे व्यवस्थित तरीके से चैनलाइज किया जाए तो आसपास के गांवों में बाढ़ के असर को कम करने में मदद मिल सकती है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार पहले भी नदियों में सिल्ट की समस्या वाले हिस्सों में ड्रेजिंग को प्राथमिकता देने और नदी को चैनलाइज करने की जरूरत पर जोर दे चुकी है। फरवरी 2026 में हुई सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक में भी मुख्यमंत्री ने ऐसी जगहों पर ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए थे।
हर साल बाढ़ से जूझता है इलाका
फर्रुखाबाद का बड़ा हिस्सा गंगा और रामगंगा जैसी नदियों के प्रभाव वाले क्षेत्र में आता है। बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के दौरान कई तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो जाता है। इस बार भी कई इलाकों में बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं।
स्थानीय स्तर पर लोगों की लंबे समय से मांग रही है कि सिर्फ राहत और बचाव तक सीमित रहने के बजाय बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। तटबंध, नदी की सफाई और जल निकासी जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की मांग भी उठती रही है।
सोशल मीडिया पर बदला सीएम योगी का अंदाज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इंस्टाग्राम पर इस तरह सेल्फी वीडियो के जरिए सीधे लोगों से संवाद करना उनके सोशल मीडिया कम्युनिकेशन में एक अलग अंदाज के तौर पर देखा जा रहा है।
वीडियो में उन्होंने सिर्फ अपने दौरे की जानकारी नहीं दी, बल्कि बाढ़ प्रभावित लोगों को यह संदेश भी देने की कोशिश की कि सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन को सक्रिय किया गया है।