जंगली जानवरों के हमलों की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। ऐसे हादसों में कई बार इंसानों की जान चली जाती है या फिर पालतू पशुओं का नुकसान होता है। पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल देने के लिए सरकार की ओर से मुआवजे का प्रावधान किया गया है।
यदि किसी व्यक्ति की जंगली जानवर के हमले में मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को नियमानुसार मुआवजा राशि दी जाती है। इसके अलावा, यदि हमले में कोई घायल होता है, तो उसके इलाज का खर्च और विकलांगता की स्थिति में सहायता राशि दी जाती है।
पशुधन के नुकसान पर भी मुआवजा मिलने का नियम है। यदि किसी किसान या पशुपालक के गाय, भैंस, भेड़ या बकरी जैसे पालतू जानवर को जंगली जानवर अपना शिकार बनाते हैं, तो नुकसान का आकलन करके प्रशासन द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
इस मुआवजे को पाने के लिए पीड़ित या उसके परिवार को निर्धारित समय के भीतर संबंधित विभाग या वन विभाग के कार्यालय में आवेदन करना होता है। आवेदन के साथ घटना से जुड़े जरूरी दस्तावेज और प्रमाण देने होते हैं, जिसके बाद जांच के बाद मुआवजा राशि सीधे पीड़ित के खाते में ट्रांसफर की जाती है।