नई दिल्ली: दिल्ली में डीटीसी बस चालकों की हड़ताल का असर अब सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। बस सेवाएं प्रभावित होने के कारण बड़ी संख्या में यात्री दिल्ली मेट्रो का रुख कर रहे हैं। इसके चलते पिछले तीन दिनों में मेट्रो की रोजाना यात्री संख्या में करीब 8 लाख का इजाफा हुआ है।
दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए 8 अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इन ट्रेनों के जरिए करीब 20 अतिरिक्त फेरे लगाए जा रहे हैं। अतिरिक्त सेवाएं सुबह 8 बजे से रात 8 बजे के बीच जरूरत के मुताबिक संचालित की जा रही हैं।
तीन दिनों में लगातार बढ़ी मेट्रो यात्रियों की संख्या
डीएमआरसी के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को दिल्ली मेट्रो में 72.73 लाख यात्रियों ने सफर किया था। मंगलवार को यह संख्या बढ़कर 76.86 लाख हो गई। बुधवार को मेट्रो में यात्रियों की संख्या और बढ़ी और यह आंकड़ा 80.71 लाख तक पहुंच गया। यानी सोमवार की तुलना में बुधवार तक करीब 8 लाख अतिरिक्त यात्रियों ने मेट्रो का इस्तेमाल किया।
डीएमआरसी का कहना है कि अतिरिक्त ट्रेनों और फेरों की संख्या यात्रियों की मांग और परिचालन जरूरत के हिसाब से तय की जाएगी। खास तौर पर पीक आवर्स में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सेवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।
DTC बस सेवा प्रभावित, यात्री परेशान
डीटीसी चालकों की हड़ताल मंगलवार से जारी है। इसके कारण बड़ी संख्या में बसें सड़कों से बाहर हैं और यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। मेट्रो के अलावा लोग ऑटो, कैब और दोपहिया वाहनों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ यात्रियों ने वैकल्पिक परिवहन के लिए अधिक किराया चुकाने की बात भी कही है।
रिपोर्टों के मुताबिक, हड़ताल कर रहे चालक दैनिक वेतन बढ़ाने, मेडिकल सुविधाएं और ओवरटाइम भुगतान जैसी मांगें उठा रहे हैं। चालकों की कुछ अन्य मांगों में बसों को नुकसान होने पर लगाए जाने वाले जुर्माने को हटाना भी शामिल है।
DMRC ने यात्रियों से की योजना बनाकर सफर करने की अपील
बस सेवा बाधित होने के कारण मेट्रो स्टेशनों और ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। ऐसे में डीएमआरसी अतिरिक्त सेवाओं के जरिए यात्रियों को राहत देने की कोशिश कर रहा है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे भीड़ को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं और पीक आवर्स में अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें। फिलहाल डीटीसी हड़ताल के चलते दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर दबाव बना हुआ है।