बेंगलुरु: कर्नाटक के कलबुर्गी में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की 9 फीट ऊंची प्रतिमा रातों रात लगाए जाने और कुछ ही घंटों बाद प्रशासन द्वारा हटाए जाने का मामला सामने आया है। प्रतिमा बुधवार देर रात हाई कोर्ट रोड चौराहे के पास स्थापित की गई थी। इसके लिए स्थानीय प्रशासन या नगर निगम से अनुमति नहीं ली गई थी।
जानकारी के मुताबिक, करीब 7-8 लोगों का एक समूह प्रतिमा लेकर वहां पहुंचा और उसे सार्वजनिक स्थान पर स्थापित कर दिया। गुरुवार सुबह नगर निगम के अधिकारियों को इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में प्रतिमा को वहां से हटा दिया गया और सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई बिना अनुमति सार्वजनिक स्थान पर प्रतिमा लगाए जाने के कारण की गई।
शिवकुमार के दौरे से पहले लगी मूर्ति
इस पूरे घटनाक्रम ने इसलिए भी ध्यान खींचा क्योंकि उसी दौरान मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार कलबुर्गी के दौरे पर थे। उन्हें कल्याण कर्नाटक उत्सव में शामिल होना था और इसके बाद अफजलपुर की ओर जाना था। जिस चौराहे पर प्रतिमा लगाई गई थी, वह उनके संभावित मार्ग पर था।
प्रतिमा लगाए जाने के पीछे किसका हाथ था, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, सिद्धारमैया समर्थकों से जुड़े कुछ लोगों ने इसे स्थापित किया था। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसा कोई संकेत नहीं है कि इसके लिए सिद्धारमैया या डीके शिवकुमार की ओर से कोई निर्देश दिया गया था।
पहले भी नाम बदलने को लेकर हुआ था विवाद
इस चौराहे को करीब तीन साल पहले सिद्धारमैया के नाम पर ‘सिद्धारमैया सर्कल’ कहने की कोशिश भी की गई थी। उस समय भी आधिकारिक प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई थी। समर्थकों की ओर से चौराहे का नाम सिद्धारमैया के नाम पर रखने की मांग की जाती रही है।
राजनीतिक चर्चा भी तेज
सिद्धारमैया की प्रतिमा का रातोंरात लगाया जाना और फिर शिवकुमार के दौरे से पहले उसे हटा दिया जाना कर्नाटक कांग्रेस की आंतरिक राजनीति को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख नेता रहे हैं और राज्य के मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों के समर्थकों के बीच लंबे समय से राजनीतिक चर्चा होती रही है।
हालांकि, प्रतिमा लगाने वालों की मंशा को लेकर अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। प्रशासन की ओर से फिलहाल मुख्य कारण बिना अनुमति सार्वजनिक स्थान पर प्रतिमा स्थापित किया जाना बताया गया है।