देवरिया के चर्चित शिक्षक कृष्णमोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में एक वायरल ऑडियो ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। यह 55 सेकंड का ऑडियो रविवार देर रात सामने आया, जिसमें मृतक शिक्षक अपनी समस्या बताते हुए मदद की गुहार लगाते सुनाई दे रहे हैं। इस नए सबूत के बाद निलंबित अधिकारियों की मुश्किलें और बढ़ती दिख रही हैं, वहीं पीड़ित को न्याय मिलने की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।
कृष्णमोहन सिंह ने 20 फरवरी की रात गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र स्थित अपने भाई के घर आत्महत्या कर ली थी। इससे पहले उन्होंने एक सुसाइड नोट और वीडियो संदेश जारी कर तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, पटल सहायक संजीव सिंह और एक अन्य व्यक्ति पर 14 लाख रुपये लेने तथा अतिरिक्त चार लाख रुपये की मांग करने का गंभीर आरोप लगाया था। अब सामने आए ऑडियो में शिक्षक अपने प्रकरण के निस्तारण में हो रही देरी पर बात करते हुए मदद मांगते प्रतीत हो रहे हैं, जिसे जांच एजेंसियां एक महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में देख रही हैं।
बताया जा रहा है कि शिक्षक कृष्णमोहन सिंह के मामले में एक वर्ष पूर्व हाईकोर्ट का आदेश भी प्राप्त हो चुका था, लेकिन उसके अनुपालन में जानबूझकर विलंब किया गया। इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, जिला प्रशासन ने सीडीओ के नेतृत्व में एक तीन सदस्यीय समिति गठित की है, जबकि शासन स्तर पर संयुक्त शिक्षा निदेशक (बेसिक) की अगुवाई में चार सदस्यीय जांच टीम बनाई गई है। प्राथमिक रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है, और इसी बीच तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और पटल सहायक संजीव सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
नवागत बीएसए और डायट प्राचार्य अनिल कुमार सिंह के कार्यभार संभालने के बाद विभागीय कर्मचारियों और शिक्षकों की निगाहें अब आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। सूत्रों के अनुसार, होली अवकाश के बाद कानूनी राय लेने के पश्चात इस मामले में आगे का निर्णय लिया जा सकता है। प्रशासन ने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
यह देखना बाकी है कि इस नए सबूत और प्रशासनिक सक्रियता के बाद शिक्षक कृष्णमोहन सिंह को न्याय मिल पाएगा या नहीं, और दोषी अधिकारियों के खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई होती है।