उत्तर प्रदेश में गौहत्या के मुद्दे पर अक्सर राजनीतिक बयानबाजी तेज रहती है। इसी कड़ी में, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने हाल ही में एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश में गौहत्या संभव नहीं है और गौ माता को कोई खरोंच भी नहीं पहुंचा सकता।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने हाल ही में मीडिया से बातचीत के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा प्रदेश में सर्वाधिक गौहत्या होने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। मौर्य ने दृढ़ता से कहा कि “उत्तर प्रदेश में कहीं भी गौहत्या नहीं होती है” और “किसी गौ हत्यारे की हिम्मत नहीं है कि वह गौ माता को खरोंच भी पहुंचा सके।” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से गौ रक्षा के लिए किए गए अपने आंदोलनों का पूरा ज्ञान है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के लखनऊ में आंदोलन करने के संबंध में, उप मुख्यमंत्री ने कहा कि एक संत होने के नाते उन्हें कहीं भी आने-जाने और आंदोलन करने का पूरा अधिकार है, और सरकार उनका सम्मान करती है।
इसी दौरान, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी तीखी टिप्पणी की। मौर्य ने कहा कि जो लोग पहले शिव भक्तों, राम भक्तों और गौ भक्तों पर अत्याचार करते थे, वे आज गौ रक्षा की बात कर रहे हैं, और जनता उनकी इस बात को भली-भांति समझ रही है।
इससे पहले, उप मुख्यमंत्री संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय मैदान में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा आयोजित 11 दिवसीय सरस मेले के समापन समारोह में भी शामिल हुए थे।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का यह बयान गौ संरक्षण और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच उत्तर प्रदेश की वर्तमान स्थिति को दर्शाता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बयान के बाद गौहत्या और गौ रक्षा पर राजनीतिक गलियारों में और क्या प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं।