देशभर में खेती-किसानी के क्षेत्र में तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसी कड़ी में क्यूआर कोड के माध्यम से उर्वरक (खाद) खरीदने वाले किसानों की संख्या 7.50 लाख से अधिक हो गई है। डिजिटल व्यवस्था के इस उपयोग से खाद के अंधाधुंध इस्तेमाल पर रोक लगी है और इसकी खपत में 35 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है।
कृषि सेक्टर से जुड़े जानकारों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल खाद की कालाबाजारी पर लगाम कसने में मदद मिल रही है, बल्कि किसानों को भी सही मात्रा में और आसानी से उर्वरक मिल रहा है। क्यूआर कोड स्कैन करने से खाद की सही जानकारी और उसकी पारदर्शिता सुनिश्चित होती है, जिससे किसान जरूरत के हिसाब से ही इसका उपयोग कर रहे हैं।