त्योहारों का सीजन आते ही विमानन कंपनियां हवाई टिकटों के दाम कई गुना बढ़ा देती हैं। इस मनमाने तरीके से बढ़ाए गए किराए के कारण आम यात्रियों को भारी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर समय-समय पर संसद में भी तीखी बहसें हो चुकी हैं और सांसदों द्वारा इस पर लगाम लगाने की मांग उठाई जा चुकी है।
इसके अलावा, यात्रियों की इस परेशानी को दूर करने के लिए अदालत में भी कई बार मामले सामने आए हैं। ज्यूडीशियल स्तर पर यह विचार किया जाता रहा है कि क्या विमान कंपनियों के किराए पर कोई तय सीमा (कैप) लगानी चाहिए या नहीं, ताकि त्योहारी सीजन में आम जनता को थोड़ी राहत मिल सके।