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डॉक्टर बनकर फार्मा कंपनियों को लगाया करोड़ों का चूना, गाजियाबाद पुलिस ने दबोचा 6 साल पुराना ठग गैंग

गाजियाबाद पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए फार्मा फ्रॉड गिरोह के सदस्य और जब्त की गई नकली दवाइयाँ।

ठगी करने वाले अपराधी हर दिन नए और हाई-टेक तरीके खोज रहे हैं। गाजियाबाद पुलिस ने हाल ही में एक ऐसे बड़े ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है जो डॉक्टरों की फर्जी पहचान और जाली चेकों का इस्तेमाल करके देश भर की दवा निर्माता कंपनियों को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहा था। पुलिस ने इस मामले में चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस लाइन में हुई एक प्रेस वार्ता में पुलिस अधिकारियों ने इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा किया। ठगी के इस तरीके ने सभी को चौंका दिया है। इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिर था, जो इस प्रकार है:

गिरोह के सदस्य पहले किसी बड़े अस्पताल पहुंचते थे और वहां के प्रतिष्ठित डॉक्टरों की फर्जी डिटेल और आईडी तैयार करते थे। इस फर्जी डॉक्टर आईडी का इस्तेमाल करके वे बड़ी फार्मा कंपनियों से दवाओं की बड़ी खेप (Shipment) ऑर्डर करते थे। दवाओं की डिलीवरी के समय, ये अपराधी उसी अस्पताल का फर्जी चेक फार्मा कंपनी को देकर दवाएँ लेकर फरार हो जाते थे। इन हथियाई गई दवाओं को बाद में देशभर के बाजारों में अवैध रूप से सप्लाई किया जाता था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह काला कारोबार पिछले 6 सालों से फल-फूल रहा था।

गाजियाबाद पुलिस की हाईटेक टीमों ने अथक प्रयास के बाद इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ किया और चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में यह भी पता चला है कि इस गैंग को संचालित करने में एक ऐसा व्यक्ति शामिल था जो 2020 में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) रह चुका था और उसके पास फार्मा सेक्टर की अंदरूनी जानकारी थी। फर्जीवाड़े में करोड़ों रुपये की दवाओं की हेर-फेर की पुष्टि हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फर्जी चेक मुहैया कराने वाला इनका एक साथी अभी फरार है, जिसकी धरपकड़ के लिए टीमों का गठन किया गया है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

गाजियाबाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि कानून के हाथ वाकई बहुत लंबे होते हैं। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी कर रही है, जिन्होंने इस संगठित अपराध को 6 सालों तक अंजाम दिया।