दहेज हत्या मामले में गाजीपुर कोर्ट का कड़ा फैसला, सास को हुई आजीवन कारावास की सजा

गाजीपुर दहेज हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाती कोर्ट, न्याय की तस्वीर

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में बड़ा अपडेट आया है। गाजीपुर ईसी एक्ट कोर्ट ने मृतका की सास को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला दहेज उत्पीड़न और हिंसा के खिलाफ कानूनी सख्ती को दर्शाता है।

यह मामला गाजीपुर के कासिमाबाद थाना क्षेत्र के देवली गांव से जुड़ा है। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग लगातार विवाहिता को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित कर रहे थे, जिसके बाद यह जघन्य घटना हुई।

6 अक्टूबर 2020 को विवाहिता गंभीर रूप से जली हुई हालत में पाई गई थी। उसे तुरंत इलाज के लिए मऊ के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन वह दम तोड़ गई। इस मामले में पुलिस ने मृतका की सास, देवर और ननद को आरोपी बनाया था।

गाजीपुर ईसी एक्ट कोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद मुख्य आरोपी यानी मृतका की सास को दहेज हत्या का दोषी ठहराया। अदालत ने उन्हें कठोरतम सजा सुनाते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा दी है।

मामले में अन्य आरोपी देवर और ननद घटना के समय नाबालिग थे। इस कारण, उनके खिलाफ चल रहे केस को आगे की कार्रवाई के लिए जुवेनाइल कोर्ट (किशोर न्यायालय) में भेज दिया गया है।

कोर्ट के इस फैसले से साफ है कि दहेज जैसी सामाजिक बुराई के कारण किसी की जान लेने वाले दोषियों को कानून कड़ा दंड देगा।

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