त्योहारों का मौसम अक्सर मिलावटखोरों के लिए कमाई का जरिया बन जाता है, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को सीधा खतरा होता है। इसी खतरे को देखते हुए गाजीपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) और जिला प्रशासन ने हाल ही में एक बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, टीम ने मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कई दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है, जिससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया है।
होली जैसे प्रमुख त्योहारों के मद्देनजर शुरू की गई इस विशेष कार्रवाई में, एफएसडीए और जिला प्रशासन की विभिन्न टीमों ने गाजीपुर जिले के अलग-अलग इलाकों में खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच की। इस दौरान, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कुल 26 नमूने एकत्र किए गए हैं, जिन्हें तत्काल जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है।
छापेमारी के दौरान, टीमों को बड़े पैमाने पर मिलावटखोरी के संकेत मिले। इसी आशंका के चलते 2222 किलोग्राम खोवा जब्त किया गया, जो संभवतः मिलावटी था। इसके साथ ही, 1799 किलोग्राम रिफाइंड पाम ऑयल भी सीज किया गया है। जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, 37 किलोग्राम मिलावटी और असुरक्षित खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, ताकि ये किसी भी उपभोक्ता तक न पहुंच सकें।
एफएसडीए और प्रशासन की इस लगातार हो रही छापेमारी से जिले के मिलावटखोर दुकानदारों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। यह अभियान न केवल मिलावटखोरी पर नकेल कस रहा है।
प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि मिलावटखोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आम जनता को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थ मिल सकें।









