देश में बढ़ते पर्यावरण असंतुलन और उसकी चुनौतियों के बीच, उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में, प्रभारी मंत्री ने सरकारी विभागों में हरियाली और जन-कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं, जो पर्यावरण संरक्षण और लोक सेवा की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
गाजीपुर में अब सभी सरकारी दफ्तरों में पेड़ या गमले में छोटे पौधे लगाना अनिवार्य होगा, जिससे पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके। प्रभारी मंत्री ने यह घोषणा करते हुए कहा कि जिन विभागों में पर्याप्त जगह है, वहां बड़े पेड़ लगाए जाएंगे, और जहां जगह कम है, वहां गमलों में छोटे पौधे लगाने होंगे। इसके साथ ही, सभी सरकारी विभागों में सोलर लाइट लगाना भी अनिवार्य कर दिया गया है, जो ऊर्जा संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम है।
प्रभारी मंत्री ने सीवर पाइपलाइन के लिए सड़कों की खुदाई और उसके बाद मरम्मत को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 200 मीटर सड़क खोदने के बाद उसे तुरंत बनाया जाना चाहिए, उसके बाद ही आगे की खुदाई की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यदि सड़क की मरम्मत नहीं हुई है तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मीडिया से बातचीत में, प्रभारी मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाएं आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रधानमंत्री आवास योजना और पेंशन जैसी योजनाओं के लाभार्थियों को पूरी जानकारी दें। विशेषकर, यदि कोई व्यक्ति अपात्र घोषित किया जाता है, तो उसे अपात्र होने का कारण स्पष्ट रूप से बताया जाए, ताकि कोई भी गुमराह न हो और पारदर्शिता बनी रहे।
ये पहलें दर्शाती हैं कि गाजीपुर प्रशासन न केवल पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति गंभीर है, बल्कि जन-कल्याण, पारदर्शिता और बुनियादी ढाँचे के विकास को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।









