देश में महिलाओं की कार्यशैली और रोजगार को लेकर सामने आई एक रिपोर्ट से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इसके मुताबिक, पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों की महिलाएं आर्थिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं और रोजगार के मामले में कई बड़े राज्यों से आगे निकल गई हैं।
दूसरी ओर, दिल्ली और बिहार जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की कार्यबल (workforce) में भागीदारी अपेक्षाकृत कम दर्ज की गई है। रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि ग्रामीण और जनजातीय इलाकों की महिलाओं के सामने आजीविका की जो जरूरतें होती हैं, वे उन्हें काम करने के लिए प्रेरित करती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्षेत्रों में महिलाओं का पारंपरिक रूप से कृषि और कुटीर उद्योगों से जुड़ा होना भी इसकी एक बड़ी वजह है। इसके विपरीत, शहरी इलाकों में सामाजिक और पारिवारिक कारणों के चलते महिलाओं का घर से बाहर निकलकर काम करना सीमित हो जाता है।