भारत का मोस्ट वांटेड क्रिमिनल गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में FBI ने गिरफ्तार कर लिया है. हिमांशु भाऊ को नीरज बवाना और बमबीह गैंग का करीब माना जाता है. लॉरेंस बिश्नोई गैंग से इसकी शुरू से ही अदावत रही हैं. इसने भारत में हत्या, वसूली जैसे कई आपराधिक मामलों को अंजाम दिया हैं. उसका गैंग दिल्ली, हरियाणा जैसे राज्यों में कई अपराधों में संलिप्त रहा है. कई मामलों में वांछित हिमांशु भाऊ काफी कम उम्र में ही अपराध की दुनिया का बादशाह बन गया था, जिसकी वजह से उसे छोटा डॉन कहा जाने लगा था.
कौन है हिमांशु भाऊ?
हिमांशु भाऊ ने काफी कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था. 17 साल की उम्र में उसने अपराध जगत में कदम रख दिया था, बचपन से ही उदंड विचार का था. जिसके कारण वो बचपन में ही बाल सुधार गृह गया था. हिमांशु क्राइम करके बच निकल लेने का हुनर रखता था. 2022 में 24 घंटे में एक साथ तीन हत्या और 2025 में एल्विश यादव के घर फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी. हिमांशु के ऊपर दिल्ली, हरियाणा, NIA के कई मुकदमे दर्ज हैं. इंटेरपोल ने हिमांशु के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था. हिमांशु विदेश में बैठकर अपना गैंग चलता हैं. उसका असल काम धंधा व्यापारियों, शराब विक्रेताओं और सट्टेबाजों से पैसे की वसूली करना है. 2020 में हिमांशु हिसार के बाल सुधार गृह से 20 लड़कों के साथ फरार हो गया, जिसके बाद उसने खुद का गैंग बनाया. हिमांशु का नाम दिल्ली के राजौरी गार्डन में बर्गर किंग आउट्लेट में अमन जूण की हत्या के बाद सुर्खियों में आया.
लॉरेंस गैंग का कट्टर दुश्मन है हिमांशु, नीरज बवाना और बंबीहा गैंग से करीबी
हिमांशु भाऊ को लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग का कट्टर विरोधी बताया जाता है. जानकारी के मुताबिक, हिमांशु भाऊ के नीरज बवाना और बंबीहा गैंग से करीबी संबंध रहे हैं और वह उनके साथ काम करता था. इसी वजह से हिमांशु भाऊ गैंग और लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ गैंग के बीच दुश्मनी की बात सामने आती रही है. हिमांशु भाऊ हरियाणा के रोहतक जिले के रिटोली गांव का रहने वाला है, इसके गांव में इसको हिमांशु रिटोली कर नाम से बुलाया जाता था.
बाल सुधार गृह से हुआ था फरार
बाल सुधार ग्रह से हिमांशु करीब 20 लड़कों के साथ फरार हुआ था. खुद का गैंग के बनाने के कुछ समय बाद हिमांशु फर्जी पासपोर्ट के जरिए पहले पुर्तगाल भागा था और उसके बाद अमेरिका में बैठकर भारत मे गैंग चला रहा था. वह अमेरिका या पुर्तगाल जैसे देशों में बैठकर वॉट्सएप कॉल्स के जरिए भारत के बड़े व्यापारियों, डॉक्टरों और प्रॉपर्टी डीलर्स से करोड़ों की रंगदारी मांगता था. पैसे न देने पर उसके भारत में मौजूद शूटर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर दहशत फैलाते थे.