यूपीआई भुगतान का संचालन करने वाली संस्था एनपीसीआई के पास कहां से आता है इतना पैसा?

जानिए देश में यूपीआई और डिजिटल भुगतान व्यवस्था संभालने वाली संस्था एनपीसीआई को कहां से होती है कमाई और उसके पास कैसे पहुंचता है हजारों करोड़ रुपये का फंड।

भारत में डिजिटल भुगतान और यूपीआई की रीढ़ कहे जाने वाले नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी एनपीसीआई के वित्तीय मॉडल को लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि इस संस्था के पास हजारों करोड़ रुपये की राशि कहां से आती है और इसकी कमाई का जरिया क्या है।

एनपीसीआई एक गैर-लाभकारी यानी नॉन-प्रॉफिट कंपनी के रूप में काम करती है, जिसकी स्थापना देश में खुदरा भुगतान और निपटान प्रणालियों को बेहतर बनाने के लिए की गई थी। हालांकि इसे मुख्य रूप से सेवा प्रदाता के रूप में देखा जाता है, लेकिन इसके पास कामकाज चलाने और तकनीकी ढांचा मजबूत करने के लिए पर्याप्त पूंजी होती है।

शुरुआती दौर में एनपीसीआई को देश के प्रमुख बैंकों से वित्तीय सहयोग मिला था। इसके अलावा, संस्था द्वारा दी जाने वाली विभिन्न डिजिटल सेवाओं, ट्रांजैक्शन प्रोसेसिंग फीस और अन्य वित्तीय उत्पादों के संचालन से होने वाली आय इसके फंड का मुख्य हिस्सा बनती है। देश में लगातार बढ़ रहे डिजिटल लेन-देन के कारण एनपीसीआई का वित्तीय दायरा भी लगातार मजबूत हुआ है।

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