ब्रिटेन के बर्मिंघम शहर के मेयर जाकिर चौधरी की कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी पर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान भारत की स्थिति दोहराई।
कश्मीर पर क्या बोले रणधीर जायसवाल?
बर्मिंघम के मेयर की टिप्पणी से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत का रुख स्पष्ट करते हुए कहा,
“जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है, पाकिस्तान को लेकर भारत की नीति क्या है, यह भी हम अच्छी तरह जानते हैं।”
उन्होंने कहा कि कश्मीर को लेकर भारत की नीति पहले से स्पष्ट है और इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है।
बर्मिंघम के मेयर ने क्या कहा था?
दरअसल, बर्मिंघम के लॉर्ड मेयर जाकिर चौधरी ने पिछले महीने पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस से जुड़े एक कार्यक्रम में कश्मीर को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा बताते हुए भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत की पैरवी की थी।
जाकिर चौधरी ने कहा था, “हमारे पूर्वजों ने अपने देश के लिए लड़ाई लड़ी, कश्मीर हमारा है, पाकिस्तान हमारा है और सेना हमारी है, मैं पाकिस्तान सरकार और कश्मीर के लोगों से अपील करता हूं कि वे बातचीत की मेज पर बैठें, बातचीत के जरिए ही समस्याओं का समाधान हो सकता है।”
उनकी इस टिप्पणी के बाद ब्रिटेन में भी उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने उनके बयान पर आपत्ति जताई और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग तक की।
मई 2026 में बने थे बर्मिंघम के मेयर
जाकिर चौधरी ने मई 2026 में बर्मिंघम के 116वें लॉर्ड मेयर के रूप में पद संभाला था। वह पाकिस्तान में पैदा हुए थे और 1969 में 14 साल की उम्र में ब्रिटेन चले गए थे।
भारत ने फिर स्पष्ट किया अपना रुख
कश्मीर के मुद्दे पर भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न हिस्से हैं। ऐसे में किसी विदेशी जनप्रतिनिधि की ओर से कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर भारत की आधिकारिक स्थिति दोहरा दी है।
विदेश मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय आया है जब कश्मीर को लेकर बर्मिंघम के मेयर की टिप्पणी पर विवाद जारी है। भारत ने साफ कर दिया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की स्थिति को लेकर उसकी नीति पूरी तरह स्पष्ट है।