संगीत सुरों और ताल की भाषा है, जो भावनाओं को छूती है। लेकिन जब कोई प्रतिभाशाली कलाकार दुनिया को अचानक अलविदा कह देता है, तो उसकी आवाज़ की धुनें हमेशा हमारे भीतर जीवित रह जाती हैं। हाल ही में, इंडियन आइडल सीज़न 3 के विजेता प्रशांत तमांग के आकस्मिक निधन ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। प्रशांत की यह दुखद खबर सुनते ही संगीत प्रेमियों को इंडियन आइडल के अन्य प्रतिभाशाली विजेताओं—संदीप आचार्य और इश्मीत सिंह—की याद ताजा हो गई, जिनकी ज़िंदगी का सफ़र भी बेहद छोटा रहा।
इन तीनों युवा सितारों ने कम उम्र में ही देश भर में अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
प्रशांत तमांग- हाल ही में, इंडियन आइडल सीज़न 3 के विनर प्रशांत तमांग का 43 वर्ष की आयु में नई दिल्ली में उनके आवास पर कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया। प्रशांत पहले कोलकाता पुलिस में कॉन्स्टेबल थे और पुलिस ऑर्केस्ट्रा में गाना गाते थे। इंडियन आइडल जीतने के बाद उन्होंने अपनी पहली एल्बम “धन्यवाद” रिलीज़ की और देश-विदेश में परफॉर्मेंस दिए। वह वेब-सीरीज़ और फिल्मों में भी दिखाई दिए, जिसमें सलमान खान की फिल्म ‘Battle of Galwan’ उनकी आखिरी शूटिंग में से एक थी। 11 जनवरी 2026 को हुई उनकी मौत ने परिवार, दोस्तों और फैन्स को गहरे शोक में डाल दिया।
संदीप आचार्य- प्रशांत की तरह ही, इंडियन आइडल सीज़न 2 के विजेता संदीप आचार्य को भी नियति ने जल्द ही छीन लिया। राजस्थान के बीकानेर से ताल्लुक रखने वाले संदीप ने अपनी सादगी और सुरों की गहराई से दर्शकों को प्रभावित किया था। उनकी मौत 15 दिसंबर 2013 को मात्र 29 साल की उम्र में जॉन्डिस और लीवर की गंभीर बीमारी के कारण हुई थी। अपनी पत्नी और एक महीने की बेटी को छोड़ कर गए संदीप के निधन ने म्यूजिक इंडस्ट्री में शोक की लहर फैला दी थी।
इश्मीत सिंह- स्टार वॉयस ऑफ इंडिया 2007 के विजेता इश्मीत सिंह की कहानी सबसे दुखद और रहस्यमय है। पंजाब के फरीदकोट से आने वाले इश्मीत ने कम उम्र में ही अपनी विनम्रता और सूफी गायन से बड़ी पहचान बना ली थी। 29 जुलाई 2008 को, मालदीव में एक रिसॉर्ट के स्विमिंग पूल में डूबने से महज़ 19 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोट के निशान पाए जाने के बाद परिवार ने इसे सिर्फ एक हादसा मानने से इनकार कर दिया था। परिवार ने लंबे समय तक न्याय और विस्तृत जांच की मांग की, लेकिन यह मामला आज भी पूरी तरह से अनसुलझा है।
प्रशांत तमांग, संदीप आचार्य और इश्मीत सिंह—इन तीनों कलाकारों ने हमें अपनी आवाज़ और प्रतिभा से जो यादें दी हैं, वो हमेशा अमर रहेंगी। उनकी अचानक मौत की ये घटनाएँ हमें जीवन की अनिश्चितता का एहसास कराती हैं और हमें हर पल का महत्व समझने की प्रेरणा देती हैं।








