इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विशाखापत्तनम से आ रही IndiGo की फ्लाइट में तकनीकी खराबी की आशंका जताई गई। इंजन फेल होने के शक के चलते रनवे 28 पर तुरंत फुल इमरजेंसी घोषित कर दी गई। हालांकि पायलट की सूझबूझ और एयरपोर्ट प्रशासन की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।
161 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया
जानकारी के मुताबिक इस विमान में कुल 161 यात्री सवार थे। लैंडिंग के तुरंत बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जांच के बाद यात्रियों को उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया है। वहीं, एयरलाइन अब इंजन में आई तकनीकी खराबी की विस्तृत जांच कर रही है।
दो दिन पहले भी सामने आई थी समस्या
इससे पहले 26 मार्च को भी इसी रूट की एक फ्लाइट में गड़बड़ी देखने को मिली थी। लैंडिंग के दौरान पायलट को अचानक विमान को दोबारा ऊपर उठाना पड़ा, जिसे गो-अराउंड कहा जाता है।
यात्रियों के अनुसार, विमान रनवे को छूने के बाद अचानक ऊपर उठ गया और करीब 7-8 मिनट तक दिल्ली और गाजियाबाद के ऊपर चक्कर लगाता रहा। बाद में फ्लाइट को सुरक्षित लैंड करा लिया गया। उस फ्लाइट में डीके शिवकुमार और एच डी रेवन्ना भी सवार थे।
पहले भी लग चुकी है इमरजेंसी
पिछले महीने भी इसी एयरपोर्ट पर SpiceJet की दिल्ली-लेह फ्लाइट में इंजन समस्या के चलते इमरजेंसी घोषित की गई थी। करीब 150 यात्रियों से भरे इस विमान को पायलट ने सुरक्षित वापस दिल्ली उतारा था। यह विमान Boeing 737 था, जिसमें इस्तेमाल होने वाले CFM56 इंजन में बार-बार खराबी की शिकायतें सामने आई हैं।
एविएशन सेफ्टी पर उठे सवाल
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने विमानन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, हर बार पायलट और एयरपोर्ट स्टाफ की सतर्कता से बड़े हादसे टल रहे हैं, लेकिन तकनीकी खामियों की बढ़ती घटनाएं जांच का विषय बन गई हैं।









