मध्य पूर्व में ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे तनावपूर्ण हालात का असर अब भारत के हजारों किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले तक भी महसूस किया जा रहा है। यहां के सैकड़ों परिवार अपने उन सदस्यों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं जो रोजगार के सिलसिले में दुबई, सऊदी अरब और अबू धाबी जैसे देशों में रहते हैं। युद्ध की ताजा खबरों ने इन परिवारों में बेचैनी बढ़ा दी है।
सोनभद्र जनपद के 300 से अधिक लोग मध्य पूर्व के विभिन्न देशों में कार्यरत हैं। युद्ध की आशंकाओं के बीच उनके परिजन लगातार फोन और वीडियो कॉल के जरिए अपनों का हालचाल ले रहे हैं। हर बातचीत का सार एक ही है – सभी सकुशल घर लौटें।
म्योरपुर के खैराही गांव के रहने वाले रवींद्र दुबे, जो दुबई में एक सिविल इंजीनियर के तौर पर कार्यरत हैं, ने बताया कि उनके निवास के पास धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और आसमान में धुएं के गुबार भी दिखाई दिए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है, लेकिन उनके क्षेत्र में अभी तक सीधे खतरे की कोई जानकारी नहीं है। सऊदी अरब के दम्माम में कार्यरत कुदरी गांव के मनोज गुप्ता ने भी पुष्टि की है कि पूरा इलाका हाई अलर्ट पर है। वहीं, अबू धाबी में सुपरवाइजर संतोष निषाद ने अपने परिवार को आश्वस्त किया है कि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। चोपन क्षेत्र के महलपुर गांव के धनुकधारी, जो दुबई से लगभग 400 किलोमीटर दूर काम करते हैं, के परिजनों ने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन संघर्ष लंबा खिंचने की आशंका से चिंता बनी हुई है।
इन परिवारों को भारत सरकार पर पूरा भरोसा है कि किसी भी गंभीर परिस्थिति में वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल, संपर्क के माध्यम से ही हौसला बनाए रखा जा रहा है। भले ही जंग की आहट दूर से आ रही हो, लेकिन सोनभद्र के हर घर में अपनों की कुशलता की दुआ गूंज रही है।
यह वैश्विक तनाव न केवल भू-राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर रहा है, बल्कि हजारों किलोमीटर दूर भारत में बैठे परिवारों के दिलों में भी डर और उम्मीद के भाव जगा रहा है।