नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी तनाव के बीच एक बार फिर सैन्य कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई बातचीत के बाद ईरान के परमाणु ठिकानों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया है कि ईरान में अभी एक-दो ऐसे ठिकाने बाकी हैं, जिन पर कार्रवाई की जा सकती है.
ईरान के परमाणु ठिकाने पर ट्रंप का बड़ा बयान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी कार्रवाई से ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचा है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अभी एक या दो ठिकाने ऐसे हैं, जिनसे निपटना बाकी है. ट्रंप ने ईरान के संदिग्ध भूमिगत परमाणु परिसर ‘पिकैक्स माउंटेन’ का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका इन ठिकानों पर बहुत कम समय में कार्रवाई कर सकता है.
क्या फिर ईरान पर हमला करेगा अमेरिका?
ईरान के खिलाफ नए सैन्य अभियान को लेकर ट्रंप ने अभी कोई अंतिम फ़ैसला घोषित नहीं किया है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा है कि ट्रंप ने ईरान पर नए हमले का फैसला नहीं लिया है और कूटनीतिक समाधान का विकल्प खुला हुआ है. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका जल्दबाजी में कोई नया सैन्य अभियान शुरू नहीं करना चाहता. ऐसे में फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वाशिंगटन आगे बातचीत का रास्ता चुनेगा या सैन्य कार्रवाई करेगा.
नेतन्याहू ने ईरान को लेकर जताई चिंता
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू लगातार ईरान से पैदा होने वाले सुरक्षा खतरे को लेकर चेतावनी दे रहे हैं. उनका कहना है कि ईरान की सैन्य और परमाणु गतिविधियां इजरायल की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं. ट्रंप और नेतन्याहू के बीच बातचीत को इसी क्षेत्रीय तनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है.
ईरान ने भी दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
दूसरी ओर, ईरान ने साफ किया है कि यदि अमेरिका या इजरायल की ओर से दोबारा हमला किया गया तो उसका जवाब दिया जाएगा. ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने सेना को किसी भी संभावित हमले का जवाब देने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है. ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि उसके खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई का जवाब क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाकर दिया जा सकता है.
बातचीत का रास्ता भी खुला, कतर और पाकिस्तान कर रहे मध्यस्थता
सैन्य तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कतर और पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर रहे हैं. परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा जैसे मुद्दे बातचीत के केंद्र में हैं. ईरान ने अमेरिकी पक्ष से मिले एक पत्र की समीक्षा किए जाने की बात कही है, लेकिन अभी तक उस पर कोई अंतिम जवाब नहीं दिया गया है. ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि दोनों देश बातचीत के जरिए तनाव कम करते हैं या फिर क्षेत्र में सैन्य टकराव और बढ़ता है.


