पश्चिमी एशिया पहले से ही तनाव की आग में झुलस रहा है, और अब ईरान ने सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुली धमकी देकर अंतरराष्ट्रीय हालात को बेहद गंभीर बना दिया है। ऐसा लगता है मानो बारूद के ढेर पर चिंगारी गिर चुकी है। ईरान के सरकारी टीवी पर हाल ही में प्रसारित किए गए एक वीडियो ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है, जिसमें ट्रंप को गोलीकांड की याद दिलाते हुए सीधे पलटवार किया गया है।
ईरान में बीते करीब तीन हफ्तों से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। शुरुआत महंगाई, बेरोजगारी और गिरती अर्थव्यवस्था के खिलाफ हुई थी, लेकिन अब ये प्रदर्शन सीधे सरकार विरोधी आंदोलन में बदल चुके हैं। हालांकि, ईरानी सरकार का आरोप है कि ये हिंसा और मौतें विदेशी ताकतों की साजिश का परिणाम हैं। तेहरान का साफ कहना है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां और इजराइल की मोसाद ईरान को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं, और इन प्रदर्शनों को हवा दे रहे हैं।
इसी आरोप के बीच, ईरान ने अमेरिका को न सिर्फ चेतावनी दी है बल्कि राष्ट्रपति ट्रंप को लेकर बेहद उकसाने वाला संदेश भी दुनिया के सामने रख दिया है। ईरान के सरकारी टेलीविजन पर हाल ही में प्रसारित वीडियो में जुलाई 2024 में अमेरिका के पेंसिलवेनिया के बटलर शहर में हुई उस चुनावी रैली की तस्वीर दिखाई गई, जहां ट्रंप पर गोली चलाने की कोशिश हुई थी। उसी तस्वीर के साथ स्क्रीन पर फारसी भाषा में एक खतरनाक लाइन लिखी थी, जिसका अनुवाद है – “इस बार गोली निशाने से नहीं चूकेगी।” यह संदेश अब तक की सबसे खुली और आक्रामक धमकी माना जा रहा है।
यह धमकी ऐसे वक्त आई है जब डोनाल्ड ट्रंप खुद लगातार ईरान को कड़ी चेतावनी दे रहे हैं। 13 जनवरी को एक इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा था कि अगर ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों पर दमन और फांसी जैसी कार्रवाइयों को जारी रखती है तो अमेरिका जोरदार जवाब देगा। ट्रंप पहले भी ईरान पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा का आरोप लगा चुके हैं। ईरान ने इन बयानों को अपने आंतरिक मामलों में सीधा हस्तक्षेप बताया है और आरोप लगाया है कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई का बहाना बना रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान और अमेरिका के बीच चल रही यह जुबानी जंग अब किसी बड़े टकराव में बदल सकती है। ईरान गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है, जहां उसकी मुद्रा रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच चुकी है, जिसने आम लोगों के गुस्से को और हवा दी है।
फिलहाल हालात बेहद नाजुक हैं। ट्रंप को दी गई यह सीधी और आक्रामक चेतावनी सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी एशिया के लिए खतरे की घंटी है, जिसके परिणाम आने वाले दिनों में स्पष्ट होंगे।








