दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर शुक्रवार को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी. इसके बावजूद प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सौरभ भारद्वाज समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया. प्रदर्शन का आह्वान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), राज्यसभा सांसद मनोज झा और सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण समेत अन्य संगठनों और नेताओं की ओर से किया गया था. आयोजकों ने मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठाते हुए CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.
जंतर-मंतर पर पुलिस की कड़ी निगरानी
प्रदर्शन की घोषणा के बाद जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई. दिल्ली पुलिस ने कई स्तर की बैरिकेडिंग की और जंतर-मंतर रोड समेत आसपास के कुछ रास्तों पर आवाजाही प्रतिबंधित की गई. CCTV कैमरों के जरिए भी इलाके की निगरानी की गई. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस, रिजर्व फोर्स, रैपिड एक्शन फोर्स और अन्य अर्धसैनिक बलों के करीब 5,000 जवान तैनात किए गए.
सौरभ भारद्वाज समेत 160 प्रदर्शनकारी हिरासत में
AAP नेता सौरभ भारद्वाज प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की.पुलिस ने 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है. इसके बाद पुलिस ने सौरभ भारद्वाज को भी हिरासत में ले लिया. अन्य AAP नेताओं और छात्र संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में रोका या हिरासत में लिया. पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी. वहीं, प्रदर्शन में शामिल नेताओं की ओर से कहा गया कि उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए पहले अनुमति मांगी थी.
धारा 163 लागू, बिना अनुमति सभा पर रोक
नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए. इसके तहत बिना पूर्व लिखित अनुमति के पांच या उससे अधिक लोगों की सभा, जुलूस, धरना, प्रदर्शन, नारेबाजी और भाषण पर रोक लगाई गई है. पुलिस ने लोगों से प्रतिबंधों का पालन करने और बिना अनुमति किसी भी तरह की भीड़ या प्रदर्शन से बचने की अपील की है.
11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो के 11 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास अस्थायी रूप से बंद रखा गया। हालांकि, कुछ स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रही। बंद किए गए स्टेशनों में जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, INA, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली शामिल हैं।
किन मुद्दों को लेकर हो रहा है प्रदर्शन?
आयोजकों ने मतदाता सूची के SIR, चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठाए हैं. प्रदर्शन में शामिल समूहों की ओर से CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है. वहीं, दिल्ली पुलिस का रुख यह रहा कि प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी और सुरक्षा व्यवस्था कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई.
ट्रैफिक पर भी पड़ा असर
जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग के कारण यातायात पर भी असर पड़ा. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कनॉट प्लेस, पटेल चौक, GPO, टॉल्स्टॉय मार्ग, जंतर-मंतर रोड और संसद मार्ग के आसपास यातायात को नियंत्रित या डायवर्ट करने की व्यवस्था की. लोगों को इन मार्गों से बचने और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।