त्योहारों का सीज़न मिठाइयों की मिठास और खुशियों से भरा होता है, लेकिन क्या हो अगर यही मिठास आपकी सेहत के लिए ज़हर बन जाए? कानपुर में हुई एक हालिया कार्रवाई ने मिलावटखोरों के एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है, जिन्होंने आपकी होली और रमजान की खुशियों में ज़हर घोलने की तैयारी कर ली थी।
कानपुर में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (UPFSDA) ने ‘रजनीश ट्रेडर्स’ नामक प्रतिष्ठान पर एक बड़ी छापेमारी की, जहां चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस कार्रवाई के दौरान, 10,000 किलोग्राम एक्सपायर्ड खजूर जब्त किए गए, जिनकी मूल एक्सपायरी डेट 2022 की थी, लेकिन उन्हें नए स्टिकर लगाकर 2026 की तारीख के साथ बेचा जा रहा था। इन खजूरों की बाजार कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अतिरिक्त, टीम ने 675 किलोग्राम मिलावटी खोया और 2 लाख रुपये की सुपारी भी जब्त कर नष्ट की। यह सब तब हुआ जब होली और रमजान जैसे त्योहारों के कारण इन उत्पादों की मांग चरम पर होती है।
यह घटना कोई इकलौती नहीं है; उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में मिलावट के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाइयां हुई हैं। उदाहरण के लिए, कानपुर में ही कुछ समय पहले 13,972 लीटर मिलावटी तेल जब्त किया गया था, जबकि इस वर्ष जनवरी में कासगंज से 7,210 किलोग्राम मिलावटी घी पकड़ा गया था। त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग और कुछ लोगों का लालच मिलावटखोरों को ऐसे घिनौने काम करने के लिए प्रेरित करता है, जिससे आम जनता की सेहत को सीधा खतरा होता है।
एक्सपायर्ड खजूर के सेवन से गंभीर फूड पॉइजनिंग का खतरा होता है, वहीं मिलावटी खोया किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। अपनी और अपने परिवार की सेहत सुनिश्चित करने के लिए, खरीदारी करते समय हमेशा FSSAI लेबल और उत्पादों की एक्सपायरी डेट की जांच करें। यदि आपको किसी भी दुकानदार द्वारा धोखे से खराब या मिलावटी सामान बेचने का संदेह हो, तो तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-180-5533 पर या उनकी वेबसाइट fsdaup.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
मिलावटखोरों के खिलाफ यह जंग तभी जीती जा सकती है जब हम सब जागरूक हों। अपनी सतर्कता से ही हम अपनी सेहत और त्योहारों की खुशियों को सुरक्षित रख सकते हैं।









