आज दिल्ली के कनॉट प्लेस में जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक कश्मीरी युवक की पिटाई कर दी. ये घटना है तब की जब कांग्रेस के अध्यक्ष मलिका खड़के अर्जुन और बाकी INDIA दलों को लंच के लिए बुलाया था. तभी वह एक कश्मीरी युवक पंहुचा उसके कहा की- देश को नेपाल और बांग्लादेश बनाने की साजिशें चल रही हैं. मेरी जिम्मेदारी है कि देश को नेपाल और बांग्लादेश नहीं बनने देना है.” मीडिया से बात करते हुए आगे युवक ने राहुल गाँधी से सवाल करो, मै यहाँ मैं यहाँ बस सवाल करने आया था मैंने किसी को गाली नहीं दी ना ही मैंने किसी से कुछ बोला इस देश में लोकतंत्र है, मैं बस सवाल पूछने आया हूँ. कांग्रेस कार्यकर्ताओं में पीएम मोदी के नारे लगाने के बाद इस युवक की पिटाई भी की.
कांग्रेस पर बीजेपी का अटैक
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के कश्मीरी युवक को पीटने जाने के बाद बीजेपी ने हमला किया है. बीजेपी ने कहा- “देश की राजधानी में अराजकता की जा रही है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कश्मीरी युवक को पीटा. देश राहुल की मनमानी देख रहा है, उनके मन में हताशा है. राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए.”
दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिद्धार्थ यादव ने कहा कि- “हम यह पूछना चाहते हैं कि क्या इस देश में नेहरू-गांधी-वाड्रा परिवार के अलावा किसी और के पास मानवाधिकार हैं? आप ‘मोहब्बत की दुकान’ में कब तक नफरत बेचते रहेंगे? आज हमने जो वीडियो देखे हैं, उनसे पूरे देश में आक्रोश फैल गया है। किसी भी राजनीतिक दल को ऐसी हरकत करने का अधिकार नहीं है।
राहुल गाँधी पर महिला पुलिसकर्मी के साथ मारपीट का आरोप लगाते हुए बीजेपी नेता ने कहा- ” राहुल गाँधी का यह दुर्व्यवहार भारत के लोकतांत्रिक इतिहास की सबसे शर्मनाक घटनाओं में से एक है, राहुल गांधी को इन सवालों का जवाब देना चाहिए और अराजकता को बढ़ावा देना बंद करना चाहिए. कांग्रेस पार्टी बेनकाब हो गई है. देश कड़े सवाल पूछ रहा है जिनका जवाब कांग्रेस पार्टी को देना होगा. यह अस्वीकार्य है और हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं.”
ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ चल रहा है मार्च
आपको बता दे की बीते दिनों में कांग्रेस ने CEC के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. विपक्षी पार्टियो का ऐसा मानना है की CEC ने SIR में गड़बड़ी की है. जिस वजह से कांग्रेस ने दूसरे दिन भी अपना मार्च जारी रखा. सूत्रों का कहना है कि इस भोज के बाद विपक्षी नेता मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजघाट की ओर मार्च कर सकते हैं।