उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में पांच दिनों से लापता चल रहे बूथ लेवल अधिकारी (BLO) का शव यमुना नदी में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। 25 फरवरी को घर से विद्यालय के लिए निकले बीएलओ के अचानक लापता होने से परिजन परेशान थे, अब उनकी मौत की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। इस दुखद घटना के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया।
पुलिस को नवीनतम जानकारी के अनुसार, महिला घाट के पास नदी किनारे बीएलओ का शव बरामद हुआ है। शव मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर तत्काल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने घर के बाहर शव रखकर अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, अपर पुलिस अधीक्षक, एसडीएम मंझनपुर, एसडीएम चायल, सीओ चायल, बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) और सराय अकिल थाना प्रभारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। इस दौरान, शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने मृतक आश्रित को 15 दिनों के भीतर नौकरी प्रदान करने का महत्वपूर्ण आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पारिवारिक पेंशन और ग्रेच्युटी फंड की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का भरोसा दिलाया।
प्रशासन से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इस दुखद घटना के बाद पूरे गांव में गहरा शोक व्याप्त है और लोग दुखी हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले की हर पहलू से गहन जांच जारी है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह दुखद घटना स्थानीय प्रशासन पर कई सवाल उठाती है और एक बार फिर लापता व्यक्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ाती है। उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई ही पीड़ित परिवार को कुछ हद तक न्याय दिला पाएगी।