कौशांबी में जिस युवक का अंतिम संस्कार और 13वीं हो चुकी थी, वह अगले ही दिन जिंदा घर लौट आया, जिसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की दोबारा जांच शुरू कर दी।
गाजियाबाद के कौशांबी इलाके में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जिस युवक का परिवार अंतिम संस्कार कर चुका था और जिसकी 13वीं भी हो गई थी, वह अगले ही दिन जिंदा घर लौट आया। उसे देखकर परिवार और आसपास के लोग हैरान रह गए।
12 जून को मसूरी क्षेत्र के नाहल झाल में एक अज्ञात शव मिला था। पुलिस ने पहचान के लिए परिवार को बुलाया। युवक की मां और बहन ने कपड़ों और शरीर पर पुराने चोट के निशान देखकर शव को गिरधर सिंह बिष्ट का बताया। इसके बाद शव परिवार को सौंप दिया गया और अंतिम संस्कार कर दिया गया।
25 जून को गिरधर सिंह बिष्ट अचानक आनंद विहार से ऑटो लेकर अपने घर पहुंच गया। जैसे ही वह सोसायटी में पहुंचा, लोग उसे देखकर दंग रह गए। घर के अंदर अपनी फोटो पर माला चढ़ी देखकर वह जोर से बोला, “मैं मरा नहीं हूं, जिंदा हूं और वापस आ गया हूं।”
पुलिस पूछताछ में गिरधर ने बताया कि वह 21 मई को जेल से रिहा होने के बाद पंजाब चला गया था। वहां डेरा सच्चा सौदा के आश्रम में करीब 13 दिन रहा और फिर वापस घर लौट आया।
गिरधर के जिंदा लौटने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया, वह किसका था? अब पुलिस उस अज्ञात शव की दोबारा पहचान कराने की कोशिश कर रही है।
गिरधर की मौत मानकर परिवार ने सात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। अब उसके जिंदा मिलने के बाद पुलिस इस केस को बंद करने की तैयारी कर रही है। यदि जांच में यह साबित होता है कि जानबूझकर गलत पहचान कर हत्या का मामला दर्ज कराया गया था, तो परिवार के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
जानकारी के मुताबिक, गिरधर पर पहले भी कई लोगों से मारपीट के आरोप लग चुके हैं। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि उसका पड़ोसियों से अक्सर विवाद रहता था। इसी वजह से उसके खिलाफ पहले भी पुलिस कार्रवाई हो चुकी थी।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की दोबारा जांच की जा रही है। अब सबसे बड़ी चुनौती उस अज्ञात शव की सही पहचान करना है, जिसका अंतिम संस्कार गिरधर समझकर कर दिया गया था। साथ ही झूठी पहचान और हत्या के मामले में दर्ज एफआईआर की भी जांच की जा रही है।
यह उठ रहे सवाल
1- जिस शव को गिरधर का बताया वह असल में किसका था
2- परिजनों ने किस आधार पर शव की शिनाख्त की थी
3- हत्या के दर्ज मामले में पुलिस अब आगे क्या करेगी
4- भविष्य में अगर मृत व्यक्ति के परिजन आते हैं तो पुलिस क्या करेगी


