पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज में फायर सेफ्टी जांच के दौरान दूसरी बार भी कई सुरक्षा खामियां पाई गईं, जिसके बाद अग्निशमन विभाग ने संस्थान को 10 दिनों के भीतर कमियां दूर करने का नोटिस जारी किया है।
देश के चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर खान सर की कोचिंग संस्था ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ एक बार फिर फायर सेफ्टी नियमों को लेकर चर्चा में है। पटना के बोरिंग रोड स्थित कोचिंग सेंटर में अग्निशमन विभाग की टीम ने दोबारा निरीक्षण किया, जिसमें कई महत्वपूर्ण सुरक्षा खामियां अब भी बरकरार पाई गईं। इसके बाद विभाग ने संस्थान को फिर से नोटिस जारी करते हुए 10 दिनों के भीतर सभी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया है।
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड के बाद देशभर में कोचिंग सेंटरों, स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच तेज हो गई है। इसी क्रम में पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज की भी लगातार निगरानी की जा रही है।
यह पिछले 15 दिनों के भीतर दूसरी बार है जब फायर सेफ्टी विभाग ने खान ग्लोबल स्टडीज को नोटिस जारी किया है, इससे पहले 7 जून को हुए निरीक्षण में भी कई गंभीर कमियां सामने आई थीं। उस समय विभाग ने संस्थान को स्प्रिंकलर सिस्टम, फायर स्टेयर, फायर डिटेक्टर और अन्य सुरक्षा इंतजामों को निर्धारित समय सीमा में दुरुस्त करने का निर्देश दिया था, मंगलवार को जब विभागीय टीम दोबारा जांच के लिए पहुंची, तो पाया गया कि कुछ सुधार कार्य जरूर शुरू किए गए हैं, लेकिन अधिकांश व्यवस्थाएं अभी भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं।
किन खामियों पर उठे सवाल?
अग्निशमन विभाग की जांच में कई महत्वपूर्ण कमियां सामने आई हैं, अधिकारियों के अनुसार भवन में फायर स्टेयर (आपातकालीन सीढ़ी) का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हुआ है। वहीं स्प्रिंकलर सिस्टम और फायर डिटेक्टर पूरी तरह ऑटोमैटिक नहीं बनाए गए हैं, जांच में यह भी पाया गया कि पंप हाउस की व्यवस्था की गई है, लेकिन वह विभाग द्वारा निर्धारित तकनीकी मानकों को पूरी तरह पूरा नहीं करती।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े कोचिंग संस्थान में हजारों छात्रों की मौजूदगी को देखते हुए फायर सेफ्टी सिस्टम का पूरी तरह कार्यशील और ऑटोमैटिक होना बेहद जरूरी है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भवन में एंट्री और एग्जिट व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आपत्तियां दर्ज कीं।
रिपोर्ट के अनुसार आपातकालीन स्थिति में बड़ी संख्या में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पर्याप्त निकासी मार्ग उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा फायर अलार्म सिस्टम में भी कई तकनीकी कमियां पाई गई हैं। अग्निशमन विभाग का कहना है कि किसी भी आपदा की स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका इमरजेंसी एग्जिट और चेतावनी प्रणाली निभाती है। यदि ये व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप नहीं होंगी, तो किसी दुर्घटना के दौरान छात्रों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
फिलहाल विभाग ने सीधे तौर पर संस्थान को बंद करने का आदेश नहीं दिया है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि 10 दिनों के भीतर सभी सुरक्षा कमियों को दूर नहीं किया गया, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा सकती है। अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने पहले भी संकेत दिए हैं कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ संचालन पर रोक, लाइसेंस संबंधी कार्रवाई या अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। यानी फिलहाल कोचिंग बंद होने का कोई तत्काल आदेश नहीं है, लेकिन आने वाले दिनों में विभागीय रिपोर्ट के आधार पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
लखनऊ अग्निकांड के बाद बढ़ी सख्ती
हाल ही में लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक व्यावसायिक भवन में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद पूरे देश में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। कई राज्यों में कोचिंग सेंटरों, स्कूलों, हॉस्टलों और कमर्शियल इमारतों की विशेष जांच शुरू की गई है। बिहार में भी अग्निशमन विभाग ऐसे संस्थानों का निरीक्षण कर रहा है जहां बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान में फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, फायर स्टेयर और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता अनिवार्य होनी चाहिए।
छात्रों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
खान ग्लोबल स्टडीज बिहार के सबसे बड़े कोचिंग संस्थानों में गिना जाता है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन केवल कानूनी औपचारिकता नहीं बल्कि छात्रों के जीवन की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। विभाग का मानना है कि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए संस्थान को सभी सुरक्षा इंतजाम जल्द से जल्द पूरा करने होंगे। अब सभी की निगाहें अग्निशमन विभाग की अगली जांच पर टिकी हैं। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर फायर स्टेयर, स्प्रिंकलर सिस्टम, डिटेक्टर, अलार्म और इमरजेंसी एग्जिट से जुड़ी कमियां दूर कर दी जाती हैं, तो संस्थान को राहत मिल सकती है। लेकिन यदि खामियां बरकरार रहती हैं, तो विभाग सख्त कार्रवाई कर सकता है, फिलहाल खान ग्लोबल स्टडीज को 10 दिनों का अंतिम अवसर दिया गया है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि संस्थान सुरक्षा मानकों को पूरा कर पाता है या फिर उसे प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।


