दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है. विपक्षी दलों ने इस रैली को लोकतंत्र और वोट बचाने की लड़ाई बताया, लेकिन बीजेपी ने कांग्रेस के भीड़ जुटाने के दावों पर ही सवाल खड़े कर दिए. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर रैली में भारी भीड़ दिखाने के लिए AI से तैयार कथित फर्जी तस्वीरें साझा करने का आरोप लगाया और तंज कसते हुए कहा कि पार्टी दिखावा भी ठीक से नहीं कर पाई.
रिजिजू का कांग्रेस पर तंज
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तेलंगाना से कांग्रेस सांसद वामसी गड्डम और अन्य नेताओं की ओर से साझा की गई एक तस्वीर पोस्ट की. इस तस्वीर के जरिए रामलीला मैदान को खचाखच भरा दिखाने की कोशिश किए जाने का दावा किया गया था.
किरेन रिजिजू ने तंज कसते हुए लिखा:
“रामलीला मैदान को खचाखच भरा दिखाने के लिए कांग्रेस पार्टी की फेक नैरेटिव टीम AI से बनी नकली फोटो भी ठीक से नहीं बना पाई.”
रिजिजू का यह बयान सामने आने के बाद कांग्रेस की ओर से साझा की गई तस्वीरों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई. कांग्रेस समर्थकों के अलावा पूर्व सांसद और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य जगदीश ठाकोर ने भी इस तस्वीर को साझा किया था. सोशल मीडिया यूजर्स ने तस्वीर पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इसमें राहुल गांधी और सोनिया गांधी के चेहरे के साथ मंच की बनावट भी वास्तविक रैली की तस्वीरों से मेल नहीं खाती.
BJP ने रैली को बताया फ्लॉप शो
बीजेपी ने INDIA गठबंधन की रैली को फ्लॉप शो करार देते हुए कांग्रेस के भीड़ जुटाने के दावों पर हमला बोला. पार्टी नेताओं ने सोशल मीडिया पर खाली कुर्सियों की तस्वीरें और वीडियो साझा किए. BJP का दावा था कि रामलीला मैदान का करीब 40 फीसदी हिस्सा खाली रहा.
संबित पात्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा:
“कांग्रेस ने रैली से पहले 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया था, लेकिन मैदान में 40 फीसदी हिस्सा खाली रहा.”
पात्रा ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि रैली में दिखाई गई भीड़ ट्रिक फोटोग्राफी का नतीजा है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसी ट्रिक्स किसी को प्रधानमंत्री नहीं बना सकतीं. दूसरी तरफ, कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए रैली के ड्रोन फुटेज और तस्वीरें जारी कीं. पार्टी ने दावा किया कि प्रदर्शन में लाखों लोग शामिल हुए थे. इस तरह रैली के बाद दोनों दलों के बीच भीड़ के आंकड़ों को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए.
‘चुनाव अवैध था तो अदालत क्यों नहीं गए?’, संबित पात्रा का सवाल
राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस से कानूनी चुनौती देने को लेकर सवाल किया. उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस को लगता है कि 2024 का चुनाव अवैध था, तो उसे रामलीला मैदान में भाषण देने के बजाय अदालत का दरवाजा खटखटाना चाहिए था. संबित पात्रा ने कांग्रेस से सवाल किया कि 2024 के चुनाव को अवैध घोषित कराने के लिए पार्टी ने अब तक कौन सी याचिका दायर की है. BJP का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय कांग्रेस को अपने आरोपों के समर्थन में कानूनी और ठोस सबूत पेश करने चाहिए.
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुई थी रैली
दरअसल, INDIA गठबंधन की यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित की गई थी. विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठा रहे हैं. रैली से एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी नेताओं ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग कार्यक्रम भी आयोजित किया था. हालांकि, चुनाव आयोग और बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है. अब रैली के बाद कांग्रेस के भीड़ जुटाने के दावे, AI तस्वीरों को लेकर विवाद और राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों ने सियासी टकराव को और तेज कर दिया है.


