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IRCTC स्कैम: लालू यादव परिवार के खिलाफ केस पर दिल्ली हाई कोर्ट में बड़ी बहस, कपिल सिब्बल ने दी अहम दलीलें

लालू यादव परिवार के खिलाफ केस पर बहस

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार से जुड़े कथित IRCTC स्कैम मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट में हाल ही में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। यह सुनवाई ट्रायल कोर्ट द्वारा तय किए गए आपराधिक आरोपों को चुनौती देने वाली याचिका पर हुई। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत में लालू परिवार का पक्ष रखा और मामले की कानूनी वैधता पर गंभीर सवाल उठाए।

दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में इस अहम मामले पर बहस हुई। लालू प्रसाद यादव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कोर्ट में लंबी दलीलें रखीं।

वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने जोर देकर कहा कि सीबीआई जिन दो बातचीत और लेन-देन का हवाला दे रही है, उन्हें किसी भी तरह से भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत नहीं देखा जा सकता। उन्होंने तर्क दिया कि ये सभी लेन-देन पूरी तरह से निजी थे और इनका सरकारी नीति या भ्रष्टाचार से कोई सीधा संबंध नहीं है। सिब्बल के अनुसार, जिन ट्रांसफर का जिक्र किया गया है, वे सरकार की तय नीति के तहत किए गए थे और उनमें कोई गड़बड़ी नहीं थी।

सिब्बल ने इस मामले में एक बड़ी कानूनी कमी की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 19 का हवाला देते हुए कहा कि जब ट्रायल कोर्ट ने इस केस में संज्ञान लिया था, उस समय सरकार की ओर से कोई वैध मंजूरी (Sanction) मौजूद नहीं थी। सिब्बल ने सवाल उठाया कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद मंजूरी लेना कानून की प्रक्रिया के खिलाफ है। उन्होंने साफ कहा कि यह कोई मामूली गलती नहीं है, जिसे बाद में ठीक किया जा सके।

सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि कई मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल पर रोक लगा रखी है, इसलिए इस केस में भी जल्दबाजी में ट्रायल आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा।

दिल्ली हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 जनवरी को दोपहर 2.30 बजे का समय तय किया है। अब सबकी नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह साफ हो सकता है कि ट्रायल कोर्ट द्वारा तय किए गए आरोपों पर कोर्ट का क्या रुख रहेगा।