मणिमहेश डल झील में बर्फ टूटने के बाद होगा शाही स्नान, श्रद्धालुओं में उत्साह

बर्फीली मणिमहेश डल झील के टूटने की घटना के बाद अब शाही स्नान की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासन और श्रद्धालुओं की निगाहें इस पर टिकी हैं।

चंबा: हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा में राधाष्टमी के शाही स्नान को लेकर तैयारियां पूरी हो गई हैं। शाही स्नान के लिए दशनाम अखाड़े की पवित्र छड़ी यात्रा चंबा से मणिमहेश के लिए रवाना हो गई है। यात्रा की अगुवाई दशनाम अखाड़ा के महंत यतिंद्र गिरि कर रहे हैं। रवाना होने से पहले अखाड़ा परिसर में दत्तात्रेय महाराज और पवित्र छड़ी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई।

मणिमहेश झील हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में करीब 13 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह भगवान शिव को समर्पित प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है। हर साल यहां हजारों श्रद्धालु पवित्र झील में स्नान और भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

राधाष्टमी पर होगा शाही स्नान

राधाष्टमी के अवसर पर मणिमहेश झील में शाही स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। इस दौरान साधु-संतों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी में धार्मिक परंपराएं निभाई जाती हैं। इस वर्ष शाही स्नान 18 सितंबर से शुरू होने की जानकारी सामने आई है।

शाही स्नान के दौरान शिव चेले भी सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करेंगे। मणिमहेश यात्रा में राधाष्टमी का यह स्नान सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में माना जाता है।

चंबा से रवाना हुई दशनाम छड़ी

राधाष्टमी के शाही स्नान के लिए दशनाम छड़ी यात्रा को विधिवत पूजा के बाद मणिमहेश के लिए रवाना किया गया। यात्रा से पहले श्रद्धालुओं और साधु-संतों ने धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया।

प्रशासन और धार्मिक संगठनों की ओर से यात्रा को लेकर जरूरी व्यवस्थाएं भी की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को कठिन पहाड़ी रास्ते में किसी तरह की परेशानी न हो।

कठिन है मणिमहेश तक का सफर

मणिमहेश झील भरमौर से करीब 26 किलोमीटर दूर है। चंबा-भरमौर होते हुए हड़सर तक वाहन से पहुंचा जा सकता है। इसके बाद श्रद्धालुओं को करीब 13 किलोमीटर पैदल ट्रेक करना पड़ता है। रास्ते में धनछो प्रमुख पड़ाव है।

ऊंचाई और कठिन पहाड़ी रास्ते को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा के लिए पंजीकरण और स्वास्थ्य संबंधी नियम भी लागू किए हैं। 2026 की यात्रा के लिए प्रतिदिन अधिकतम 5,000 श्रद्धालुओं को अनुमति देने की व्यवस्था की गई है और पंजीकरण को अनिवार्य किया गया है।

19 सितंबर तक चलेगी यात्रा

जिला प्रशासन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार मणिमहेश यात्रा-2026 की अवधि 4 सितंबर से 19 सितंबर तक निर्धारित है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से यात्रा से पहले पंजीकरण कराने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

राधाष्टमी के शाही स्नान के साथ मणिमहेश में धार्मिक गतिविधियां अपने चरम पर पहुंचेंगी और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

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