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108 साल पुराना मैसूर चंदन साबुन री-लॉन्च: तमन्ना भाटिया बनीं ब्रांड एंबेसडर, क्यों भड़का कर्नाटक में विवाद?

108 साल पुराना मैसूर चंदन साबुन री-लॉन्च

108 साल पुराना और अपनी खुशबू के लिए दुनिया भर में मशहूर मैसूर चंदन साबुन (Mysore Sandal Soap) एक नए अवतार में री-लॉन्च किया गया है। कर्नाटक सरकार की कंपनी KSDL द्वारा निर्मित इस विरासत वाले उत्पाद ने अभिनेत्री तमन्ना भाटिया को अपना ब्रांड एंबेसडर चुना है। हालांकि, इस फैसले ने कर्नाटक में राजनीतिक और कन्नड़ समर्थक समूहों के बीच एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है, जिससे कंपनी के राष्ट्रीय विस्तार के लक्ष्य पर सवाल उठ रहे हैं।

कर्नाटक सोप्स एंड डिटर्जेंट्स लिमिटेड (KSDL) ने मैसूर चंदन साबुन की नई पैकेजिंग और लुक फरवरी 2026 में जारी किया है, जिसके साथ ही तमन्ना भाटिया के पोस्टर भी जारी किए गए हैं। तमन्ना भाटिया को पिछले साल मई में दो साल के लिए 6.2 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। कंपनी, जो कि उत्तर भारत में अपनी पहुंच बढ़ाना चाहती है और 2030 तक सालाना कारोबार 5,000 करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य रखती है, ने इस फैसले को राष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान मजबूत करने की रणनीति बताया है।

स्थानीय प्रतिभा बनाम राष्ट्रीय चेहरा: विवाद की जड़

ब्रांड एंबेसडर के तौर पर तमन्ना भाटिया के चयन को लेकर कई राजनेताओं और कन्नड़ समर्थक संगठनों ने आपत्ति जताई है। उनका तर्क है कि कंपनी को रश्मिका मंदाना, पूजा हेगड़े या राम्या जैसी कर्नाटक की किसी स्थानीय कन्नड़ अभिनेत्री को चुनना चाहिए था, ताकि राज्य की प्रतिभा को बढ़ावा मिले।

भाजपा सांसद के. सुधाकर ने इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे कांग्रेस सरकार की ‘कन्नड़ विरोधी सोच’ बताया। उन्होंने कहा कि, “यह कर्नाटक की प्रतिभा और मैसूर साबुन की गौरवशाली विरासत का अपमान है। कांग्रेस इस फैसले के माध्यम से अपनी ‘गद्दार पार्टी’ वाली छवि साबित कर रही है।”

सरकार का पक्ष: मार्केटिंग एक्सपर्ट्स की सलाह पर फैसला

विवाद बढ़ने पर, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल ने सरकार और कंपनी के फैसले का बचाव किया। मंत्री एम.बी. पाटिल ने स्पष्ट किया कि, “यह फैसला मनमाने ढंग से नहीं लिया गया है, बल्कि इसे मार्केटिंग एक्सपर्ट्स की सलाह से लिया गया है।” उन्होंने आगे बताया कि, कंपनी डिजिटल मार्केटिंग, निर्यात और नए प्रोडक्ट्स पर जोर दे रही है ताकि ब्रांड को सिर्फ कर्नाटक नहीं बल्कि देश और दुनिया में एक बड़ी पहचान मिल सके।

मैसूर चंदन साबुन, जो भारत के सबसे प्रतिष्ठित ब्रांडों में से एक है, अब राष्ट्रीय विस्तार की राह पर है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि KSDL 5,000 करोड़ रुपये के अपने महत्वाकांक्षी कारोबार लक्ष्य को साधने के लिए क्षेत्रीय गौरव और व्यापक मार्केटिंग रणनीति के बीच संतुलन कैसे स्थापित करता है।