मुंबई: फिलिस्तीन के समर्थन में आयोजित एक पतंग उड़ाने के कार्यक्रम के बाद मुंबई की एक पोस्टग्रेजुएट छात्रा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा हर्षदा बोराडे का दावा है कि कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पुलिसकर्मी उनके सांताक्रूज स्थित घर पहुंचे और करीब 9 घंटे तक तलाशी और पूछताछ की। छात्रा का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने न तो कोई वारंट दिखाया और न ही पहले से कोई कानूनी नोटिस दिया। हालांकि, मुंबई पुलिस ने गैरकानूनी हिरासत के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि मामले में कानून के मुताबिक जांच की जा रही है।
15 सितंबर को हुआ था पतंग कार्यक्रम
रिपोर्टों के मुताबिक, 15 सितंबर 2026 को मुंबई के बांद्रा इलाके में गाजा के बच्चों के समर्थन में पतंग उड़ाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान कुछ प्रतिभागियों ने फिलिस्तीन के समर्थन में संदेश और झंडे भी प्रदर्शित किए थे। कार्यक्रम के दो दिन बाद पुलिस ने इसमें शामिल कुछ लोगों से पूछताछ शुरू की। हर्षदा बोराडे भी इस कार्यक्रम में शामिल थीं।
छात्रा ने क्या आरोप लगाए?
हर्षदा का दावा है कि शुक्रवार शाम करीब 5 बजे के बाद कई पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे और उन्होंने अपनी पहचान स्पष्ट नहीं की। छात्रा के मुताबिक, पुलिस ने घर की तलाशी ली, उनकी नोटबुक और डायरी देखी, किताबों के नाम नोट किए और निजी सामान की तस्वीरें और वीडियो बनाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तलाशी और पूछताछ की प्रक्रिया रात से अगले दिन तड़के तक चली। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा का दावा है कि पुलिसकर्मी करीब 9 घंटे से ज्यादा समय तक घर में रहे। समूह से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि तलाशी के दौरान कोई वारंट या लिखित नोटिस नहीं दिखाया गया।
रूममेट के सामान की भी जांच का दावा
हर्षदा ने आरोप लगाया कि उनकी रूममेट इस कार्यक्रम में शामिल नहीं थीं, इसके बावजूद उनके निजी सामान की भी जांच की गई। छात्रा ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं। मामले से जुड़े कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई है और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर सवाल उठाए हैं।
मुंबई पुलिस ने क्या कहा?
मुंबई पुलिस के डीसीपी मोहित गर्ग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मामले में जांच निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। पुलिस का कहना है कि किसी व्यक्ति को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया गया है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि जांच एक ऐसे वीडियो से जुड़ी है जिसमें कुछ लोग फिलिस्तीनी झंडे तैयार करते दिखाई दे रहे थे। पुलिस का कहना है कि कार्यक्रम के लिए पहले से अनुमति नहीं ली गई थी और मामले में पूछताछ की जा रही है।
अभी FIR दर्ज नहीं हुई
उपलब्ध ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, हर्षदा बोराडे के खिलाफ फिलहाल कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। पुलिस की जांच जारी है और अब तक सामने आए आरोपों तथा पुलिस के पक्ष की स्वतंत्र जांच होना बाकी है।