भारतीय रेलवे में अब सफर का अनुभव पूरी तरह से बदलने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने 17 जनवरी को देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन करने वाले हैं। यह ट्रेन सुविधाओं और गति के मामले में एक नया रिकॉर्ड बनाएगी। इस बड़ी लॉन्चिंग के साथ ही, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे के भविष्य की एक महत्वपूर्ण रूपरेखा भी पेश की है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का व्यापक इस्तेमाल शामिल है।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में दिल्ली में आयोजित अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार समारोह के दौरान इन महत्वपूर्ण घोषणाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रेलवे का उद्देश्य न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाना है, बल्कि परिचालन दक्षता को भी आधुनिक बनाना है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कोलकाता और गुवाहाटी के बीच चलने वाली देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन में करेंगे। यह ट्रेन सप्ताह में 6 दिन कामाख्या और हावड़ा जंक्शन के बीच चलेगी, जिससे उत्तर पूर्व और पूर्वी भारत के यात्रियों को रात भर की यात्रा के लिए एक उच्च गुणवत्ता वाला विकल्प मिलेगा।
इसके अलावा, 6 नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें भी लॉन्च की जाएंगी। ये ट्रेनें आम आदमी के लिए आरामदायक और तेज यात्रा सुनिश्चित करेंगी। रेल मंत्री के अनुसार, इन ट्रेनों की सेवाएं 17 और 18 जनवरी से शुरू हो जाएंगी।
रेल मंत्री वैष्णव ने रेलवे में तकनीकी भविष्य पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने घोषणा की कि भारतीय रेलवे में साल 2026 तक एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इस बड़े बदलाव के तहत, सभी तरह के परिचालन सुधारों, सुरक्षा और रखरखाव के लिए बड़े पैमाने पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल शामिल होगा। AI के उपयोग से रेलवे की कार्यक्षमता और यात्री सुरक्षा में अभूतपूर्व सुधार आने की उम्मीद है।
वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत ट्रेनों का उद्घाटन जहां यात्रियों को तत्काल राहत देगा, वहीं 2026 तक AI को शामिल करने का फैसला भारतीय रेलवे को विश्व स्तरीय रेल नेटवर्क बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।









