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मिडिल ईस्ट संकट पर पीएम मोदी का बयान, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा को लेकर दी बड़ी जानकारी

प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वहां के हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं और इस संकट को तीन हफ्तों से ज्यादा समय हो चुका है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सदन को स्थिति की विस्तृत जानकारी दी है। पीएम ने कहा कि इस संघर्ष का असर आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है और पूरी दुनिया इस संकट के जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से अपील कर रही है।

3 लाख 75 हजार भारतीय लौटे वापस- मोदी
लोकसभा में पीएम ने कहा कि भारत में और बाकी देशों में युद्ध के बाद 24X7 हेल्पलाइन जारी की है. इनके जरिए जरूरी जानकारी दी जा रही है और एडवाइजरी भी जारी हो रही है. संकट के बीच हमारी पहली प्राथमिकता अपने लोगगों की सुरक्षा रही है. संकट के बीच भी 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित देश लौट चुके हैं।

होर्मुज से सप्लाई पर असर

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत में कच्चा तेल और फर्टिलाइजर जैसी जरूरी चीजों की बड़ी सप्लाई होर्मुज के रास्ते आती है। युद्ध के कारण यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। हालांकि सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि देश में तेल और गैस की कमी न हो और सप्लाई सुचारू बनी रहे।

ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का फोकस

पीएम मोदी ने बताया कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत LPG खुद प्रोड्यूस करता है और उत्पादन बढ़ाने पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने ऊर्जा स्रोतों में बड़ा बदलाव किया है। पहले जहां 27 देशों से आयात होता था, अब 41 देशों से ऊर्जा आयात की जा रही है। साथ ही, देश में स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व को भी मजबूत किया गया है और रिफाइनिंग क्षमता में वृद्धि हुई है, जिससे संकट के समय आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलती है।

खेती और खाद्य सुरक्षा पर भरोसा

खेती पर असर को लेकर पीएम ने आश्वस्त किया कि देश के पास पर्याप्त अन्न भंडार मौजूद है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारी पूरी है। उन्होंने कहा कि पिछली वैश्विक सप्लाई चेन बाधा के समय भी किसानों को सस्ती दरों पर यूरिया उपलब्ध कराया गया था, जिसकी कीमत 300 रुपये से कम रखी गई।

किसानों के लिए उठाए गए कदम

सरकार ने किसानों को संकट से बचाने के लिए कई कदम उठाए हैं। देश में 6 नए यूरिया प्लांट स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही मेड इन इंडिया नैनो यूरिया को बढ़ावा दिया गया है और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि किसानों की लागत कम हो और उत्पादन बेहतर हो सके।

सरकार की रणनीति क्या है?

सरकार का फोकस ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा दोनों को मजबूत बनाए रखने पर है। तेल-गैस के आयात को डाइवर्सिफाई किया गया है और वैश्विक स्तर पर लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है, ताकि किसी भी संकट का असर देश पर कम से कम पड़े।

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