नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली नाबालिग छात्रा की मां ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने उनकी बेटी को माफ कर उसके जीवन को नई दिशा दी है। समाचार एजेंसी PTI से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बदले की भावना के बजाय क्षमा का मार्ग अपनाकर अपनी महानता दिखाई है।
मां ने कहा कि वह हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री का धन्यवाद करती हैं, क्योंकि उन्होंने एक ऐसी बच्ची को माफ कर दिया जिसने उनके और उनकी मां के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के इस फैसले ने उनकी बेटी को “नया जीवन” दिया है और यह उसके लिए किसी जीवनदान से कम नहीं है।
‘बेटी को गोद ले लें’ की भावुक अपील
लड़की की मां ने कहा कि वह इस उपकार को कभी नहीं भूल पाएंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा कि अगर संभव हो तो वे उनकी बेटी को “गोद ले लें”, क्योंकि उनके फैसले ने उसकी जिंदगी और भविष्य दोनों बचा लिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया का गहरा असर पड़ता है और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म बच्चों के लिए प्रतिबंधित किए जाने चाहिए, ताकि वे गलत संगत और भड़काऊ सामग्री से दूर रह सकें।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला उस समय सामने आया था जब जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्र प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए थे। इसके बाद पीएम मोदी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो जारी कर लोगों से संयम बरतने की अपील की और कहा कि ऐसे मामलों में गुमराह युवाओं के प्रति प्रतिशोध नहीं, बल्कि संवेदनशीलता का भाव रखना चाहिए।
छात्रा ने वीडियो जारी कर मांगी माफी
प्रधानमंत्री की अपील के बाद संबंधित छात्रा का एक माफीनामा वीडियो भी सामने आया। उसने खुद को 15 वर्षीय बताया और स्वीकार किया कि उससे गंभीर गलती हुई है। छात्रा ने कहा कि वह अपने दोस्तों के साथ कनॉट प्लेस गई थी और वहीं से प्रदर्शन में शामिल हो गई। प्रदर्शन के दौरान आसपास मौजूद लोगों के नारे सुनकर वह भी उसी माहौल में बह गई। छात्रा ने कहा कि उसे अपने व्यवहार पर गहरा पछतावा है, वह पूरे देश से माफी मांगती है और भविष्य में ऐसी गलती कभी नहीं दोहराएगी।
मामला कानूनी प्रक्रिया में
माफी के बावजूद मामला कानूनी प्रक्रिया में है। 23 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान कथित आपत्तिजनक नारों के संबंध में नोएडा में शिकायत दर्ज कराई गई थी। बाद में नोएडा पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने को स्थानांतरित कर दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि छात्रा की टिप्पणी से प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंची और इससे सार्वजनिक शांति एवं सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका पैदा हुई।