प्रयागराज के मांडा क्षेत्र में सात वर्षीय मासूम प्रतीक के अपहरण मामले में पुलिस जांच ने बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। अब तक मामा पर संदेह जताया जा रहा था, लेकिन ताजा जांच में सामने आया कि इस वारदात के पीछे बच्चे का चाचा और एक शिक्षक शामिल थे। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
12 दिन पहले हुई थी सनसनीखेज घटना
करीब 12 दिन पहले दादा के सामने से मासूम का अपहरण कर लिया गया था, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को वाराणसी से सकुशल बरामद कर लिया था।
स्कूल से लौटते समय किया गया अपहरण
मांडा थाना क्षेत्र के सरायकला गांव निवासी ओम प्रकाश शर्मा का बेटा प्रतीक 7 मार्च को स्कूल से घर लौट रहा था। वैन से उतरने के बाद जैसे ही दादा उसे घर ले जा रहे थे, तभी कार सवार दो युवक पहुंचे। एक ने पता पूछने के बहाने रोका, जबकि दूसरे ने बच्चे को जबरन कार में बैठाकर फरार हो गया।
वाराणसी से सुरक्षित मिला बच्चा
घटना के बाद पुलिस ने 8 टीमों का गठन कर जांच शुरू की और बच्चे को वाराणसी से सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके बाद गहन पूछताछ और जांच में मामले की सच्चाई सामने आई।
करीबी ही निकले आरोपी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अपहरण की साजिश में बच्चे के चाचा और एक शिक्षक शामिल थे। दोनों से पूछताछ जारी है और घटना में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली गई है।
पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।









