कांग्रेस के नेता और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी की लीगल टीम ने चुनाव आयोग के ख़िलाफ़ कथित अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली है. जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका को रजिस्ट्री में दर्ज कर लिया गया है और इसका डायरी नंबर 64196/2026 है. जानकारी के मुताबिक यह याचिका 12 अक्टूबर 2026 को शाम 4:37 बजे फाइल की गई है.
जिसमे सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री को आदेश दिया है कि राहुल गांधी की याचिका की प्रक्रिया आज ही पूरी की जाए और यदि कोई कमी हो, तो उसे दूर किया जाए, ताकि याचिका को कल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सके. मंगलवार को CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच इस याचिका पर सुनवाई कर सकती है.
यह याचिका अकेले राहुल गाँधी की नहीं है इसमें विपक्ष के 11 बड़े नेताओं को ओर से दाखिल की गयी है. याचिकाकर्ताओं में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, सौगत रॉय, अखिलेश यादव, तेजस्वी प्रसाद यादव, संजय राउत, एमए. बेबी, डी. राजा, महुआ माजी, सुप्रिया सुले और ई. टी. मोहम्मद बशीर शामिल हैं. याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील प्रसन्ना एस. – 2919 इस मामले में पैरवी कर रहे हैं. याचिका में कुल चार पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है.
याचिका में पहला प्रतिवादी भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) है, जबकि अन्य तीन प्रतिवादियों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी शामिल हैं. याचिका में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए गए हैं. हालांकि, याचिका की पूरी प्रति अभी सार्वजनिक नहीं हुई है, इसलिए इसमें उठाए गए सभी मुद्दों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इसमें हालिया चुनावों में कथित अनियमितताओं, मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विषयों को उठाया गया है.
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मंगलवार को तत्काल सुनवाई की संभावना जताई जा रही है. राहुल गांधी पहले भी चुनाव आयोग पर कथित वोट चोरी और पक्षपात के आरोप लगाते रहे हैं. अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किए जाने से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रिया को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च कर रहे विपक्षी गठबंधन INDIA के नेताओं को सोमवार, 12 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने भगवान दास रोड पर रोक दिया. पुलिस ने रास्ते में दो जगह बैरिकेडिंग की थी. कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के कार्यकर्ताओं ने पहले बैरिकेड को हटा दिया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के नजदीक लगाए गए दूसरे बैरिकेड पर नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोक दिया गया.