नई दिल्ली/अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस संवेदनशील मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की राजनीति की कोई गुंजाइश नहीं है।
8 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अदालत ने इस जानकारी पर संज्ञान लेते हुए जांच प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।सुप्रीम कोर्ट ने जांच की निगरानी को मजबूत करने के उद्देश्य से विशेष जांच दल (SIT) के पुनर्गठन का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि नई SIT का नेतृत्व एक वरिष्ठ IPS अधिकारी करेंगे, ताकि जांच पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और पेशेवर तरीके से आगे बढ़ सके।
राजनीति से दूर रखी जाए जांच
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में इस मामले को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसियों को केवल तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करने और निष्पक्ष तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभाने का निर्देश दिया।
अगली सुनवाई अगले सोमवार
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अगले सोमवार तय की है। तब तक जांच एजेंसियों से प्रगति रिपोर्ट और SIT के पुनर्गठन से जुड़े पहलुओं की जानकारी अदालत के समक्ष पेश किए जाने की संभावना है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देश इस बात का संकेत हैं कि अदालत इस पूरे प्रकरण में निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के दायरे में रहकर जांच सुनिश्चित करने को लेकर गंभीर है।