क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का निधन: एक ऐसे संघर्षशील पिता की कहानी जिन्होंने बेटे के सपने के लिए ढोए सिलेंडर

विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह
विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है।रिंकू सिंह की आज की सफलता के पीछे उनके पिता का अथक संघर्ष और त्याग छिपा है, जिनकी कहानी हर किसी को प्रेरित करती है।

रिंकू सिंह के पिता, खानचंद सिंह, पिछले काफी समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे। उन्होंने ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली। पिछले कुछ दिनों से वे अस्पताल में भर्ती थे, जहां परिवार उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा था। खानचंद सिंह एक साधारण परिवार से आते थे और अलीगढ़ में गोविला गैस एजेंसी में हॉकर का काम करते थे। कंधों पर गैस सिलेंडर ढोकर वे अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे, और इसी कमाई से वे अपने बेटे रिंकू के क्रिकेट के सपने को पूरा करने में मदद करते थे।

रिंकू सिंह के बचपन के कोच मसूद जफर अमीनी ने बताया कि उनके पिता, रिंकू के क्रिकेट के प्रति जूनून को देखकर उन्हें अलीगढ़ के अहिल्याबाई होल्कर स्टेडियम ले गए। यहीं रिंकू ने तैयारी की और अंडर-16 क्रिकेट खेला। डीपीएस वर्ल्ड कप में भी उन्हें आमंत्रित खिलाड़ी के तौर पर खेलने का मौका मिला, जहां उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘मैन ऑफ द सीरीज’ का खिताब जीता। इसके बाद उन्होंने अंडर-19 यूपी, रणजी और फिर आईपीएल में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

साल 2023 में आईपीएल में गुजरात टाइटंस के खिलाफ कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए अलीगढ़ के रिंकू सिंह ने लगातार पांच छक्के जड़कर टीम को जीत दिलाई थी, जिसके बाद वे रातों-रात स्टार बन गए थे। रिंकू की इस कामयाबी के पीछे उनके पिता का त्याग और समर्पण था। रिंकू सिंह के क्रिकेटर बनने के बाद भी उनके पिता खानचंद सिंह कंधों पर सिलेंडर ढोते रहे, लेकिन उन्होंने कभी भी रिंकू को इस काम को करने नहीं दिया और हमेशा उसे क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया।

खानचंद सिंह ने अपने बेटे के सपनों को पूरा करने के लिए जो संघर्ष किया, वह उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी थी। उनका निधन न केवल रिंकू सिंह के परिवार के लिए बल्कि उन सभी के लिए एक बड़ी क्षति है जो उनके असाधारण समर्पण को जानते थे।

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