उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में पुलिस और कुख्यात अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में ₹1.25 लाख के इनामी बदमाश लल्लन सिंह उर्फ ललन की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार लल्लन लंबे समय से कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था और उसकी तलाश उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों की पुलिस कर रही थी। इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़
जानकारी के मुताबिक 21 और 22 जून की दरम्यानी रात सरसावा-नकुड़ मार्ग पर पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद एएसपी लाल प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान पुलिस और बदमाशों का आमना-सामना हो गया, जिसके बाद दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई।
पुलिस का दावा है कि जवाबी कार्रवाई के दौरान लल्लन सिंह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसावा ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल सहारनपुर रेफर किया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एक साथी फरार, तलाश में जुटी पुलिस
मुठभेड़ के दौरान लल्लन का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने फरार आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कर दी हैं। आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
बिहार का रहने वाला था लल्लन सिंह
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार लल्लन सिंह बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के आनंदगोलवा गांव का निवासी था। वह कई वर्षों से संगठित अपराध की दुनिया में सक्रिय था और विभिन्न राज्यों में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के आरोपों का सामना कर रहा था।
सात हत्याओं सहित कई संगीन मामलों में था आरोपी
जांच एजेंसियों के मुताबिक लल्लन सिंह पर सात हत्याओं में शामिल होने के आरोप थे। इनमें दो उपनिरीक्षकों, एक बैंक कैशियर और एक सुरक्षा गार्ड की हत्या जैसे गंभीर मामले शामिल बताए जाते हैं। इसके अलावा वह बैंक डकैती, कैश वैन लूट, हथियार लूट और पुलिसकर्मियों पर हमले जैसी घटनाओं में भी वांछित था।
वाराणसी और चंदौली में भी दर्ज थे गंभीर मुकदमे
पुलिस अधिकारियों के रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022 में वाराणसी में एक उपनिरीक्षक को गोली मारकर उनकी सरकारी पिस्टल लूटने के मामले में भी लल्लन सिंह की तलाश की जा रही थी। वहीं चंदौली जिले में हुई फायरिंग और लूट की एक बड़ी वारदात में भी उसका नाम सामने आया था। इन मामलों के चलते विभिन्न जिलों की पुलिस उसके पीछे लगी हुई थी।
भाइयों और गैंग सदस्यों के साथ चलाता था अपराध का नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि लल्लन सिंह अपने भाइयों और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर संगठित अपराध को अंजाम देता था। पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सके।
लल्लन सिंह की गिरफ्तारी पर घोषित था ₹1.25 लाख का इनाम
लल्लन सिंह की गिरफ्तारी पर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने ₹1 लाख और चंदौली पुलिस ने ₹25 हजार का इनाम घोषित किया था। लंबे समय से फरार चल रहे इस अपराधी पर कुल ₹1.25 लाख का इनाम था। पुलिस का मानना है कि उसकी मौत से कई लंबित मामलों की जांच को नई दिशा मिलेगी।
पुलिस ने बताया बड़ी सफलता
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई क्षेत्र में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। फरार आरोपी की तलाश जारी है और पूरे गैंग के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।


