हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह के खिलाफ दर्ज छेड़छाड़ के चर्चित मामले में एक नया मोड़ आया है। चंडीगढ़ जिला अदालत में हुई सुनवाई के दौरान पीड़िता (जूनियर महिला एथलेटिक्स कोच) ने अदालत के सामने अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की। पीड़िता ने कहा कि वह पिछले चार सालों से न्याय पाने के लिए दर-दर भटक रही है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। इसी के चलते उसने गुहार लगाई कि उसके मुकदमे को इस अदालत से हटाकर किसी दूसरी अदालत में स्थानांतरित (केस ट्रांसफर) कर दिया जाए।
न्यायाधीश का रुख और सुरक्षा की मांग
सुनवाई के दौरान जब पीड़िता ने केस ट्रांसफर करने की इच्छा जताई, तो जज ने उसे स्पष्ट किया कि यदि वह अदालत बदलना चाहती है, तो इसके लिए उसे नियमानुसार सेशंस कोर्ट में आवेदन (अर्जी) देना होगा।
इसके साथ ही, पीड़िता ने अदालत में अपनी सुरक्षा का मुद्दा भी बेहद प्रमुखता से उठाया। उसने कहा कि वह लंबे समय से पुलिस और प्रशासन से अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग कर रही है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सुनवाई के दौरान उसने दोबारा न्यायाधीश से तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने की अपील की। कोर्ट से बाहर आने के बाद पीड़िता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी व्यथा और नाराजगी भी साझा की।
पहले भी बदला जा चुका है जज
यह पहली बार नहीं है जब पीड़िता ने अदालत की कार्यवाही पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले भी उसने जज पर पक्षपात करने की आशंका जताई थी। उस समय उसकी आपत्ति के बाद मामले को एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) की अदालत से हटाकर चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में भेजा गया था।
मामले में पीड़िता के बयान और मुख्य गवाही पहले ही दर्ज की जा चुकी है, जिसमें उसने संदीप सिंह पर खुलकर गंभीर आरोप लगाए थे। अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 अगस्त को तय की गई है।
पूरा विवाद क्या है?
- घटना की शुरुआत: जुलाई 2022 में हरियाणा खेल विभाग की एक महिला कोच ने आरोप लगाया था कि संदीप सिंह ने उसे चंडीगढ़ के सेक्टर-7 स्थित अपने सरकारी आवास पर बुलाया और उसके साथ जबरदस्ती तथा छेड़छाड़ की।
- पुलिस कार्रवाई और इस्तीफ़ा: महिला की लिखित शिकायत के बाद चंडीगढ़ पुलिस के सेक्टर-26 थाने में संदीप सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करना), 354-A, 354-B, 342 (गलत तरीके से रोकना/कैद करना), 506 (धमकी देना) और 509 के तहत केस दर्ज किया गया। एफआईआर दर्ज होने के बाद चौतरफा दबाव के कारण संदीप सिंह को अपने खेल मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
- संदीप सिंह का पक्ष: पूर्व मंत्री संदीप सिंह ने शुरुआत से ही इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि महिला कोच ने अपने ट्रांसफर (तबादले) से नाराज होकर उनके खिलाफ यह फर्जी और मनगढ़ंत शिकायत दर्ज कराई है।