हाल ही में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने धर्मनगरी वाराणसी का दौरा किया, जहां उन्होंने बाबा विश्वनाथ के पवित्र दरबार में हाजिरी लगाई। इस दौरान उन्होंने देश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना करते हुए ‘विकसित भारत’ के निर्माण में सभी से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने प्रेम और सद्भाव से होली मनाने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।
अपने वाराणसी दौरे के दौरान, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। उन्होंने देश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण के लिए विशेष प्रार्थनाएं कीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा से राष्ट्र प्रगति के नए आयाम स्थापित करे और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक नागरिक का योगदान अनिवार्य है।
दर्शन के पश्चात, शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से बातचीत करते हुए आगामी होली पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देते हुए कहा कि होली रंगों और उमंग का त्योहार है, जो हमें आपसी गिले-शिकवे भुलाकर एकजुट होने की प्रेरणा देता है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जोर दिया कि समाज में सौहार्द और एकता ही किसी भी राष्ट्र को मजबूत बनाती है।
इस पवित्र अवसर पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद भी मौजूद रहे। केंद्रीय कृषि मंत्री ने अपने संबोधन में वाराणसी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक महत्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि वाराणसी भारतीय संस्कृति की आत्मा है और इसकी गौरवशाली परंपराएं पूरे देश को प्रेरित करती हैं। अंत में, उन्होंने एक बार फिर सभी नागरिकों से अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से योगदान देने की अपील की।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का यह दौरा न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह देशवासियों को एकता, प्रेम और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में मिलकर काम करने की प्रेरणा भी देता है।









